गर के बालनिकेतन में प्रेसवार्ता करते निर्बल इंडियन शोषित हमार आम दल निषाद पार्टी क राष्ट्री अध्?
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मऊ। निषाद समाज को भी अनुसूचित किस श्रेणी में शामिल कर उन्हें आरक्षण दिया जाए। इसके अलावा उन्हें उनके परंपरागत कार्यों को करने के लिए सरकार सहूलियत दे। निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर संजय ने शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी डाक बंगले में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अपनी बातों को रखा।
उन्होंने कहा कि संविधान में सूचीबद्ध मझवार, गोड, तुरैना, बेलदार, खरवार, कौली, खरोट, को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था की गई है, लेकिन उन्हें उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। बोले राष्ट्रपति के 1961 के आदेश के अनुसार मछुआरों को भी अनुसूचित की श्रेणी में रखा जाए। ऐसे में निषाद समाज को ताल घाट नदी कि पूर्व की भांति निषाद वंशीय मछुआरा समुदाय को दिया जाए। नदियों के किनारे खाली पड़ी भूमि के नीचे मोरम आलू को भी मछुआ समुदाय को आरक्षित किया जाए, मत्स्य मंत्रालय के सभी योजनाओं का लाभ परंपरागत गरीब मछुआरों को दिया जाए। पंचायत चुनाव से पहले बसपा द्वारा लिए गए, मझवार आरक्षण, जो संविधान की सूची में सूचीबद्ध है, को रोकर सरकार हाईकोर्ट में पक्ष में प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत कर हटाया जाए। साथ ही हमे भी आरक्षण लागू किया जाए। मत्स्य मंत्रालय द्वारा जारी बीमा योजना को ग्राम सभा में सभा का आयोजन कर मछुआ समुदाय का भी बीमा कराया जाए। मत्स्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइड लाइन को क्षेत्रीय भाषाओं में लिखवा कर मछुआ समुदाय के गांवों में लगाया जाए। आधुनिक शिक्षण प्रशिक्षण के लिए गांव के गरीब मछुआरों को प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की जाए। सरकार की तरफ से दी जाने वाली अनुदान राशि को बिना गारंटी के प्रदान किया जाए। दक्षिणी भारत जैसे उत्तर प्रदेश के मछुआरों को भी सुविधाएं मुहैया कराई जाए। मत्स्य विभाग के मंत्रालय के विभागों को ब्लॉक का स्तर पर खोला जाए। निजी और सरकारी विद्यालयों में मछुआ समुदाय के बच्चों का सीट आरक्षित कर पढ़ाई लिखाई के साथ अन्य सुविधाएं भी नि:शुल्क मुहैया कराई जाए।