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लापरवाही : सीएचसी पर रखे-रखे जिंदगी की जंग हार गए 100 पौधे

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मऊ/कुुसुम्हा। दोहरीघाट सीएचसी प्रबंधन की लापरवाही से 100 पौधे जिंदगी की जंग हार गए। एक पौधा मां के नाम अभियान के तहत दोहरीघाट अस्पताल को 800 पौधे लगाने की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता से परिसर में 100 से ज्यादा पौधे रखे-रखे सूख गए। यहीं स्थिति इसी ब्लाॅक के साहूपुर गांव में है, जहां पौधे लगाने के बाद उन्हें सड़क किनारे नाली के पास फेंक दिया गया है। उधर अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि 750 पौधे लगा दिए गए है, शेष 50 लगा देंगे, वह अभी सूखे नहीं है। वहीं वन विभाग के जिम्मेदार इसको लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों से जानकारी लेने की बात कह रहे हैं।
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टीम को एक जागरूक मरीज के परिजन ने सूचना दी कि अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लगाने के लिए आए पौधे सूखने के कगार पर हैं। टीम पहुंची तो यह शिकायत सच मिली। इस संबंध में दोहरीघाट सीएचसी प्रभारी डॉ. फैजान ने बताया कि उन्हें वन विभाग से 800 पौधे मिले हैं। इसमें 750 को गोठा, बैलाकसैला, सुग्गीचौरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ 22 एएनएम सेंटर और 16 आयुष्मान मंदिर परिसर में लगाया गया है, जबकि 50 लगाने को लेकर जगह चिह्नित की जा रही है।
उधर लगने के इंतजार में सूखने के कगार पर पहुंचे पौधों पर सीएचसी प्रभारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इस परिसर के अलावा दोहरीघाट ब्लाॅक के साहूपुर गांव में पौधों को गांव के एक रास्ते के पास डंप कर रखा गया है।
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इसमें तो कई पौधे पूरी तरह से सूख चुके हैं। वहीं कई में पौधों का अस्तित्व ही खत्म हो गया है। अब उसके जगह केवल मिट्टी ही बची रह गई है, जिसे फेंककर कागजों पर अपने गांव में पौधरोपण दिखा दिया गया है।
जिस पीएचसी में पौधे लगाने का दावा, वहां एक भी नहीं मिले पौधे : कुसुम्हा। सीएचसी प्रभारी डॉ. फैजान द्वारा तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पौधे लगाने का दावा किया गया। टीम इसकी सत्यता परखने के लिए उनके बताए गए पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोठा पर पहुंची तो पाया गया कि यहां एक भी नए पौधे नहीं लगे हैं। जो पौधे कई साल पहले लगे तो वह जरूर एक स्वस्थ्य पेड़ के रूप में नजर आए।
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