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नवरात्र की अष्टमी को महागौरी की पूजा

Tue, 20 Oct 2015 11:36 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
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नवरात्र की अष्टमी को दुर्गा मंदिरों में मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की आराधना की गई। नगर सहित जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में तड़के से ही मां का पूजन अर्चन करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही।
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नवरात्र की अष्टमी के दिन पूजी जाने वाली देवी महागौरी के बारे मेें मान्यता है कि कभी भगवान शंकर ने देवी काली पर गंगा जल छिड़का था तो महागौरी के रूप में अवतरित हो गईं थीं। जिन्हें सृष्टि का आधार भी कहा जाता है।


वे अक्षय सुहाग की प्रतीक देवी भी हैं। उनकी पूजा विवाहित महिलाओं को फल प्रदान करती है। इन्हीं मान्यताओं को देखते हुए नगर के शीतला माता मंदिर, आजमगढ़ मोड़ स्थित मां सिद्घेश्वरी मंदिर, वनदेवी धाम, निधियांव गांव का अष्टभुजी मंदिर, मांदी सिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों मेें श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी रही।
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उधर नौ दिन तक व्रत रखने वाले भक्तों ने भी घर पर विधि विधान से मां दुर्गा के आठवें अवतार की पूजा की। उधर मंगलवार को अष्टमी के दिन नगर में स्थापित दुर्गा पूजा पंडालों में भक्तों की भीड़ कुछ अधिक देखने को मिली। पंडाल आकर्षक ढंग से सजाए गए थे।


नगर के मिर्जाहादीपुरा चौक से लेकर औरंगाबाद, संस्कृत पाठशाला, सदर चौक, रौजा बाजार, सिंधी कालोनी, बाटा के पास, सहादतपुरा, मंशीपुरा, बाल निकेतन, अंधामोड़, भीटी, गालिबपुर, स्वदेशी काटन मिल आदि स्थानों पर स्थापित पूजा पंडालों पर भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की गई है।


बिजली की रोशनी में प्रतिमाओं को ऐसा सजाया गया है, मानो देवी प्रतिमा बोल रही हों। रतनपुरा संवाददाता के अनुसार नवरात्र के आठवें दिन ब्लाक मुख्यालय स्थित सदर बाजार, काली मंदिर, दुर्गा मंदिर, वैष्णो मंदिर में मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा की गई।
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