मऊ। असलहा प्रकरण और गैंगस्टर एक्ट के तीन मामलों में बुधवार को मुख्तार अंसारी की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बांंदा जेल से हुई। असलहा प्रकरण में कोई गवाह पेश नहीं हुआ। सीजेएम एमपी/ एमएलए श्वेता चौधरी ने मामले में 3 अप्रैल की तिथि नियत की। वहीं विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए दिनेश कुमार चौरसिया ने गैंगस्टर एक्ट के मामलों में 27 मार्च की तिथि नियत की। तीसरा मामला दक्षिणटोला थाना क्षेत्र का है।
पहला मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष निहाल नंदन की तहरीर पर मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों के विरुद्ध फर्जी असलहा प्रकरण में की गई पैरवी को आधार मानते हुए एफआईआर दर्ज की गई। जिसमें पुलिस ने मामले की विवेचना कर मुख्तार अंसारी सहित छह लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। मामले में एक आरोपी की मौत हो चुकी है। मामला सीजेएम एमपी/ एमएलए की कोर्ट मे विचाराधीन है। जिसमें साक्ष्य की कार्यवाही चल रही है। कोई साक्षी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। सीजेएम ने साक्ष्य के लिए 3 अप्रैल की तिथि नियत की। दूसरा मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार राम सिंह मौर्य और सिपाही सतीश की हत्या के मामले को आधार बनाकर मुख्तार अंसारी व अन्य के विरुद्ध तत्कालीन थानाध्यक्ष संदीप सिंह की तहरीर पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुआ था। मामला विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए की कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है। जिसमें अभियोजन की ओर से साक्ष्य की कार्रवाई पूरी हो गई है। बुधवार को मामले में आरोपियों का बयान दर्ज होना था। लेकिन एक आरोपी राजन सिंह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। विशेष न्यायाधीश ने मामले में आरोपियों के बयान के लिए 27 मार्च की तिथि नियत किया। तीसरा मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार असलहा मामले में दर्ज एफआईआर को आधार बनाकर मुख्तार अंसारी व अन्य के विरुद्ध गैंगेस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई। मामला विशेष न्यायाधीश एमपी /एमएलए कोर्ट के न्यायालय में विचाराधीन है। मामले में कोई गवाह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। एडीजे ने मामले में साक्ष्य के लिए 27 मार्च की तिथि नियत की।