इसी मामले को आधार बनाकर प्रभारी निरीक्षक सरायलखंसी केके गुप्ता की तहरीर पर मुख्तार अंसारी और अन्य लोगों के विरुद्ध सरायलखंसी थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत हुआ था। मामले की विवेचना की चल रही है। इस मामले में आरोपी पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई थी। अर्जी पर मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह और विशेष लोक अभियोजक केके सिंह के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद विशेष न्यायाधीश ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।