अपराधियों के फिंगरप्रिंट, आईरिस, चेहरा और डीएनए के आधार पर डाटा सुरक्षित करने में मऊ पुलिस बीते तीन माह से प्रदेश में पहले स्थान पर बनी हुई है।
एसपी कमलेश बहादुर ने डाटा सुरक्षित करने वाली नफीस शाखा के नोडल एएसपी अनूप कुमार, शाखा प्रभारी उपनिरीक्षक साधू शरण, आरक्षी अखिलेश, द्विजेंद्र देव शुक्ल और विनीत कुमार को प्रशस्ति पत्र देकर शुक्रवार को सम्मानित किया।
मऊ पुलिस ने मार्च, अप्रैल और मई में सबसे अधिक 475 अपराधियों का डेमोग्राफिक डाटा सुरक्षित कर उत्तर प्रदेश की रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इनमें से 47 सजायाफ्ता कैदी हैं, जो जेल में सजा काट रहे हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार मार्च माह में 110 अपराधियों की फीडिंग की गई, इनमें से आठ सजायाफ्ता हैं। अप्रैल माह में 152 का डाटा सुरक्षित किया गया, इनमें से 11 सजायाफ्ता हैं। मई माह में सबसे अधिक 213 अपराधियों का डाटा सुरक्षित किया गया, इनमें से 28 सजायाफ्ता हैं।
एसपी कमलेश बहादुर ने बताया कि पुलिस द्वारा संचालित नफीस पोर्टल पर पुलिस थानों द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों और न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध अभियुक्तों के अंगुलियों के निशान, चेहरा, आईरिस (आंख की रेटिना) और डीएनए लेकर समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण फीडिंग की गई है।