यह वाहन में कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर के बढ़ने के साथ ही सक्रिय हो जाता है और कार की खिड़की को अंदर ताजा हवा की अनुमति देने के लिए रोल करता है। असल में कार अगर चल रही हो और उसके शीशे बंद हों तो उसके अंदर कार्बन डाइ ऑक्साइड गैस जमा हो जाती है। इसकी वजह से कार में बैठे लोगों की जान खतरे में पड़ जाती है। लेकिन मिशन प्रोटेक्टर की खूबी यह है कि जैसे ही कार में कार्बन डाइ ऑक्साइड की मात्रा बढ़ेगी यह तुरंत अलर्ट कर देगा और अपने आप कार के शीशे नीचे हो जाएंगे।
वह अपने इस ‘मिशन प्रोटेक्टर’ को पेटेंट कराएंगी। इसके लिए उन्होंने आवेदन किया है। दाक्षायनी ने बताया कि जब उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर लॉगइन किया, तो इसके बारे में प्रेरणा मिली।
मऊ के किसान की बेटी दाक्षायनी ने दोहरीघाट के प्राथमिक विद्यालय से पांचवी तक पढ़ाई की। इसके बाद उसने ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक दृष्टि से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने वाले विद्याज्ञान स्कूल, सीतापुर की प्रवेश परीक्षा पास की। पिता दिग्विजय नाथ पांडेय ने बताया कि दाक्षायनी ने पहली बार अपना मॉडल आईआईटी दिल्ली में आयोजित इंडिया एट 75 नेशनल आइडियाथान-2021 में दाक्षायनी का मॉडल प्रथम स्थान पर रहा था।