मऊ डिपो में अब चालकों की कमी जल्द पूरी हो सकती है। लगातार संविदा चालकों की भर्ती निकालना और रोजगार मेले पहुंचकर चालक के लिए युवाओं का चयन करना रोडवेज के लिए सकारात्मक रहा है। मऊ डिपो को 12 नए संविदा चालक मिल गए हैं। इनमें से सात रोजगार मेले से चयनित हुए और अन्य खुद से आवेदन किए थे। 26 और 27 सितंबर को कानपुर में सात चालकों का टेस्ट है। इनके आने के बाद पांच और चालकों को टेस्ट के लिए भेजा जाएगा। कानपुर में ट्रेनिंग पूरी कर ये सभी चालक जल्द मऊ डिपो के बसों की स्टेयरिंग संभालेंगे। चालकों की कमी से रोजाना 10 से अधिक बसें डिपो के वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं। जिससे रोडवेज को एक लाख से अधिक का नुकसान हो रहा है।
जल्द मिलेंगी 22 नई बसें
हालही में डिपो की 12 पुरानी बसें जो 13.5 साल पुरानी है उनको नीलाम करने के लिए मुख्यालय प्रस्ताव भेजा गया गया है। उनके जाने के बाद चालकों को कुछ राहत मिलेगी। लेकिन कुछ दिन बाद फिर डिपो को 22 नई बसें मिलने वाली हैं। उनके आने के बाद रोडवेज की 63 बसें हो जाएंगी। इसके साथ ही फिर चालकों की कमी होगी। जिसे पूरी करने के लिए रोडवेज के अधिकारी अभी से तैयारी में जुट गए हैं।
वर्तनी में गलती से 8 की हुई थी छंटनी
जून में अलग-अलग जगहों पर कैंप लगाकर आठ अभ्यर्थियों को 25 जून को ट्रेनिंग के लिए कानपुर भेजे गए थे। लेकिन नाम और एड्रेस की वर्तनी में गलती के कारण सभी फेल हो गए थे। इनमें से दो को दोबारा भेजा गया है।
रोजगार मेला और विज्ञापन के माध्यम से चालकों की भर्ती की जा रही है। इसके लिए भर्ती का मानक पूरा करने वाला कोई भी अभ्यर्थी आवेदन कर सकता है।- हरिशंकर पांडेय, एआरएम, मऊ