विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) छागुर राम ने चार वर्षीय बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने तथा उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में सद्दाम चूड़ीवाला को सुनवाई के बाद दोषी पाया।
उसे 20 साल की सजा के साथ कुल 23 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही अर्थदंड जमा होने पर 75 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया।
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, शहर कोतवाली क्षेत्र निवासी वादी मुकदमा की चार वर्षीय पुत्री को आरोपी 20 सितंबर 2019 को बहला-फुसलाकर ले गया था।
आरोप है कि उसने दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले की विवेचना कर शहर कोतवाली क्षेत्र के अंधा मोड़, भीटी निवासी सद्दाम चूड़ीवाला पुत्र मुनीर के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
न्यायालय में अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने आठ गवाहों को पेश कर पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने दो गवाह पेश कर तर्क दिया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। दोनों पक्षों की सुनवाई और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन के बाद न्यायालय ने सद्दाम को नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने तथा उसके साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी पाया।
इसके बाद अदालत ने उसे पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड, नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 3 हजार रुपये अर्थदंड, तथा दुष्कर्म के मामले में 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।