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लाकडाउन तथा कोरोना संक्रमण ने कारोबारियों की तोड़ी कमर

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मऊ। कोरोना संक्रमण तथा लॉकडाउन ने व्यापारियों तथा कारोबारियों की कमर तोड़ कर रख दिया है। दुकानों को खोलने का समय सीमा सुबह सात बजे से शाम सात बजे का समय निर्धारित होने से कारोबार पर असर पड़ रहा है। जिले का मुख्य उद्योग साड़ी कारोबार है। पैकेजिंग न होने से लगभग 50 प्रतिशत कारोबार पर असर पड़ रहा है। इस मुद्दे पर व्यापारियों से बातचीत की गई तो सभी ने कोविड गाइडलाइन के अनुसार रात 10 बजे तक समय सीमा निर्धारित करने की वकालत की है।
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लगातार दूसरे वर्ष भी कोरोना संक्रमण तथा लाकडाउन से दुकानें तथा कारोबार ठप होने से कारोबारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। कोरोना की तीव्रता कम होने से जिला प्रशासन की तरफ से बाजार खोलने का समय पूर्वाह्न सात बजे से शाम सात बजे तक निर्धारित किया गया है। जिले का प्रमुख उद्योग साड़ी कारोबार है। एक करोड़ का प्रतिदिन का टर्नओवर है। कोरोना से असर पड़ा है।
कारोबारियों के अनुसार साड़ी पैकेजिंग का काम शाम से शुरू होता है। ऐसे में प्रशासन की तरफ से निर्धारित नियम से पैकेजिंग का काम बाधित हो जा रहा है।इससे 50 प्रतिशत कारोबार पर असर पड़ रहा है। कारोबारियों की मानें तो बाजार में अमूमन लोग 10 बजे के बाद ही आते हैं। ऐसे में तीन घंटा समय बेकार ही निकल जाता है। यदि समय शाम को बढ़ाया जाए तो कारोबार में लगभग 25 से 30 प्रतिशत का ग्रोथ आ सकता है।
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष डॉ. रामगोपाल गुप्ता का कहना है कि प्रशासन की तरफ से निर्धारित समय सीमा शाम सात बजे तक है। इससे साड़ी कारोबार पर असर पड़ रहा है। पैकेजिंग काम बंद होने से 50 प्रतिशत का कारोबार परअसर पड़ रहा है। कम से कम रात 10 बजे तक समय बढ़ाया जाए।
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री गोपाल कृष्ण बर्नवाल का कहना है कि सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक समय सही नहीं है। कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए इसे रात नौ बजे तक बढ़ाया जाए। रेस्टोरेंट बंद होने से बाहर से आने वाले व्यापारियों, ग्राहकों आदि को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या का समाधान किया जाए।
व्यवसायी शाहिद सिद्दीकी का कहना है कि सुबह के समय में कटौती कर प्रशासन शाम के समय को बढ़ाए, क्योंकि सुबह सात बजे ग्राहक सामान खरीदने के लिए घर से नहीं निकलते है। ऐसे में समय सीमा में परिवर्तन किया जाए। समयसीमा बढ़ने पर कारोबार की रफ्तार बढ़ेगी।
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष उमाशंकर ओमर का कहना है कि साड़ी उद्योग के लिए प्रशासन की तरफ से तय समय सीमा अनुकूल नहीं है। इससे साड़ी कारोबारियों का आर्डर कैंसिल हो जा रहा है। समयसीमा को बढ़ाया जाए।
व्यवसायी अनूप कुमार मल्ल का कहना है कि अनलाक के बाद प्रशासन को व्यापारियों से बातचीत कर उनके व्यवसाय को देखते हुए उनसे मशवरा कर दुकानों के खोलने का समय निर्धारित करना चाहिए था। लेकिन प्रशासन अपनी मर्जी दुकानदारों और ग्राहकों पर थोप रहा है।
व्यवसायी नितेश मद्धेशिया का कहना है कि लाकडाउन तथा कोरोना संक्रमण से कारोबार पर असर पड़ा है।ऐसे में समयसीमा का निर्धारण व्यापारियों के हिसाब से किया जाए।
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