मऊ। सावन मास के अंतिम सोमवार को नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में शिव भक्तों ने घरों पर ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का जलाभिषेक किया। बेलपत्र और दूध आदि चढ़ा कर विधि-विधान से पूजन अर्चन किया। कई शिव मंदिरों पर भक्तों ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पूजन अर्चन किया। इस मौके पर हर-हर महादेव के जयकारे से वातावरण गूंज उठा। इस बीच लोगों ने पूरे दिन भगवान का व्रत रखा। इसके आलावा लोगों को कोरोना महामारी के खात्में के साथ ही मंगलमय जीवन की कामना की।
सावन माह के पांच सोमवार शिव के पांच मुख के प्रतीक माने गए हैं। अंतिम सोमवार के दिन भगवान शिव के पंचमुख के अवतार की कथा पढ़ने और सुनने का बहुत माहात्म्य है। यह भी मान्यता है कि सावन के अंतिम सोमवार को भगवान शिव और माता पार्वती पृथ्वी का भ्रमण करते हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
इसी मान्यता के तहत सावन माह के अंतिम सोमवारी के मौके पर तड़के से ही भगवान शिव का पूजन अर्चन करने का क्रम शुरू हो गया। नगर में मठियाटोला शिवमंदिर, हनुमानघाट, भीटी स्थित शिवमंदिर, पावरहाउस कालोनी स्थित शिवमंदिर, बालनिकेतन मोड़ स्थित शिवमंदिर और कैलाशपुरी, पक्का पोखरा शिवमंदिर, कतुआपुरा शिवाला सहित विभिन्न मंदिरों पर भक्तों ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। साथ ही विधि विधान से पूजन अर्चन किया।
रानीपुर: सावन के अंतिम सोमवार को क्षेत्र के काझा, रामवन कुटी स्थित शिव मंदिर, ब्राह्मणपुरा सहित विभिन्न गांवों में स्थित शिव मंदिरों और मंदिरों में तड़के से ही शिवभक्तों ने मंदिरों में स्थापित शिवलिंग पर बेलपत्र, अक्षत, दूध आदि से भगवान शंकर का विधि विधान से पूजन अर्चन किया। हर-हर महादेव के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा।
बढुआगोदाम: सावन माह के अंतिम सोमवार को क्षेत्र के नेशनल हाइवे स्थित ताजोपुर इंडस्ट्रीयल स्टेट स्थित शिव मंदिर, बढु़आगोदाम, डुमरांव, सिंधी बाबा की कुटी सहित विभिन्न गांवों के शिव मंदिरों में स्थापित शिवलिंग पर बेलपत्र, अक्षत, दूध आदि से भगवान शंकर का पूजन अर्चन किया। श्रद्धालुओं के जयकारे से वातावरण गूंज उठा।
ावन के आखिरी सोमवार को नगर के मठियाटोला स्थित प्राचीन शिवमंदिर पर शिवलिंग पर जलाभिषेक करते श्रद?- फोटो : MAU