मऊ। वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं की बैठक सोमवार को भाकपा माले कार्यालय पर हुई। इसमें कोरोना संकट की आड़ में मजदूरों किसानों और आम जनता पर जनविरोधी एजेंडा थापेने की निंदा की गई। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित 12 सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी को आनलाइन भेजा गया।
वक्ताओं ने कहा कि लॉकडाउन के चलते बड़ी संख्या में सभी वर्गों की आर्थिक हालत खराब है। जबकि केंद्र सरकार ने डीजल और पेट्रोल की कीमतों में भारी वृद्धि कर रही सही कसर पूरी कर दी है। जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बहुत कम है। पूंजीपतियों के कहने पर प्रवासी मजदूरों को अपने घरों पर वापस आने से रोका जा रहा है। कहा कि प्रदेश सरकार ने एक कदम आगे बढ़कर तीन साल के लिए श्रम कानूनों को ही रद्द कर दिया है जो जनविरोधी कदम है। विशेष ट्रेनों से आने जाने वाले मजदूरों से किराया वसूला जा रहा है। सरकार ने अधिकांश सरकारी तथा निजी अस्पतालों को बंद कर दिया है इससे गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों का इलाज सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। इस अवसर पर जयप्रकाश धूमकेतु, राम सोच यादव, बसंत कुमार, रामकुमार भारती, सुबाष, अनीस अंसारी, ताहिर,छविनाथ जयप्रकाश, राजेश वर्मा, महेंद्र कुमार उपस्थित थे। अध्यक्षता रामू प्रसाद, संचालन वीरेंद्र कुमार ने ने किया।