मऊ। जिले में मिलने वाले संक्रमित मरीजों में अधिकांश को स्वास्थ्य विभाग द्वारा होम आईसोलेशन में किया जा रहा है। नियमानुसार होम आईसोलेशन में रहने वाले मरीजों की जांच एक मेडिकल टीम उनके घर पहुंचकर करती है। लेकिन यहां होम आईसोलेशन वाले कई मरीजों के यहां कोई टीम पहुंच ही नहीं रही है। केवल मोबाइल से बात कर अपनी औपचारिकता पूरी की जा रही है। इसको लेकर मरीजों द्वारा कई बार स्वास्य विभाग के जिम्मेदारों को अवगत कराया जा चुका है। बावजूद इस समस्या को दूर करने को लेकर जिम्मेदार कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहे है।
बताते चले कि मंगलवार तक जिले में कुल मिले चार हजार 519 मरीजों में सक्रिय मरीजों की संख्या 1107 है। जिसमें एक हजार नौ मरीजों का इलाज होम आईसोलेशन में किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के दावे के अनुसार नगर के अर्बन पीएचसी की मेडिकल टीमों द्वारा इन मरीजों से संपर्क में रहकर उनके स्वास्थ्य पर निगरानी रख रही है। हकीकत में ऐसा नहीं होता दिख रहा है। मेडिकल टीमों द्वारा मोबाइल पर मरीज से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेने के बाद उन्हें दवाईयों का नाम तथा बचाव के लिए सुझाव देकर अपनी औपचारिकता पूरी कर ली जा रही है। इस बीच न तो कोई मेडिकल टीम उन मरीजों के घर पहुंच रही है न ही उनके संपर्क में आए लोगों की सूची तैयार कर जांच करा रही है। यह हम नहीं जबकि होम आईसोलेशन में रहने वाले मरीजों का कहना है। इस संबंध में बात करने पर सीएमओ डा. एससी सिंह ने बताया कि पूरे जिले के लिए 31 टीम गठित की गई है। लेकिन अधिकांश टीम के सदस्य पॉजिटिव हो गए है। इसके लिए कम टीमें काम कर रही। फिर भी जो साधन संसाधन है, उससे कार्य किया जा रहा।