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जिले से गुजरी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर नहीं मिली चढ़ने उतरने की सुविधा

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मऊ। जिले की सीमा से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पैकेज नंबर सात का 26 किमी का एरिया पड़ता है, फिर भी जिले के लोगों को अपने जिले की सीमा से न तो चढ़ने और न ही उतरने की सुविधा प्रदान की गई है। यदि जिले के लोगों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर चढ़कर यात्रा करनी होगी, तो उन्हे नजदीक में गाजीपुर जिले के हैदरा या फिर आजमगढ़ जिले के सठियांव बाजार जाना होगा। इस तरह से जिले से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के गुजरने के बाद भी जिलेवासियों को इसकी सुविधा से विमुख रहना होगा।
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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के जरिए मऊ से लखनऊ की दूरी 288 किमी होगी। इस तरह से यदि किसी को आपातकालीन यात्रा कर लखनऊ पहुंचना होगा तो अपने निजी साधन से तीन घंटे में आराम से चलकर लखनऊ पहुंचा जा सकता है। इस तरह से जरूरत पड़ने पर लखनऊ से दवा आदि भी लेकर तीन घंटे में मऊ पहुंचा जा सकता है, लेकिन चढ़ने उतरने के लिए आजमगढ़ जिले के सठियांव या फिर गाजीपुर के हैदरा जाना होगा। अब देखा जाए तो जिला मुख्यालय से हैदरा की दूूूरी करीब दस किमी है, इसी तरह से सठियांव की दूरी करीब 35 है। जबकि जिले की सीमा मुहम्मदाबाद से 12 किमी के करीब है। ऐसे में जिलेवासी मिलने के बाद भी बड़ी सुविधा को लाभ नहीं उठा सकते। इस तरह से पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के होने के बाद भी मऊ जिले के व्यापारियों, किसानों, नेताओं से लेकर हरवर्ग को इसका लाभ नहीं मिलेगा। इस बावत प्रोजेक्ट मैनेजर मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि मऊ में कोई ऐसा संपर्क मार्ग नहीं मिला जिससे लिंक बनाया जा सकें। पिपरीडीह के बारे में पूछे जाने पर बोले कि इस हाईवे की ड्राइंग बहुत सर्वे के बाद हाई लेबल पर तैयार होती है।इस संबंध में वो कुछ नहीं बता सकते।
व्यापारिक रुप से मऊ जनपद पूर्वांचल का एक बड़ा केंद्र है। ऐसे में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का मऊ से गुजरना काफी अच्छा है। लेकिन मऊ जिले की सीमा से कहीं से भी उसका प्रवेश या निकास की व्यवस्था न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। बड़े सराफा कारोबारी भी इस एक्सप्रेस वे से आसानी से मऊ जिले में आए इसके लिए व्यवस्था होनी चाहिए।-मनीष सराफ-सराफा कारोबारी
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बुनाई और साड़ी निर्माण को लेकर मऊ पूरे विश्व में विख्यात है। लेकिन पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का मऊ जनपद कहीं भी प्रवेश और निकास न होने से साड़ी कारोबार पर काफी बड़ा प्रभाव पड़ेगा। दिल्ली और लखनऊ से काफी व्यापारी मऊ जिले में आते हैं ऐसे में प्रवेश और निकास मिलने से उन्हें काफी सहूलियत होगी।-गिरधर अग्रवाल,साड़ी करोबारी
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पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से लोगों को काफी आसानी होगी। लेकिन 22 किमी मऊ से होकर जाने वाली सड़क में कहीं से भी जिले में प्रवेश या फिर निकास न होने से व्यापारी वर्ग काफी निराश और आक्रोशित है। सड़क निर्माण से काफी आसानी से प्रदेश की राजधानी से लेकर देश की राजधानी का सफर तय किया जा सकता है। लेकिन ऐसा न होने पर सभी आश्चर्य में हैं। सभी मऊ जिले से एक्सप्रेस वे पर प्रवेश की मांग करते हैं।-डा.रामगोपाल गुप्ता- अध्यक्ष ,अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
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देश की राजधानी और प्रदेश की राजधानी से आने वाले एक्सप्रेस वे का मऊ जिले से गुजरना सौभाग्य की बात है। लेकिन जिले मेें कहीं भी प्रवेश या निकास न होना चिंताजनक है। सरकार को इसपर ध्यान देेने के साथ ही कोई
रास्ता जरुर निकालना चाहिए। जिससे व्यापार को बल मिल सके। -हबीबुल्ला टांडवी ,बिसात व्यापारी
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बड़ी और मल्टीनेशनल कंपनियां सड़क सही न होने के कारण मऊ शहर में अपनी सेवाएं नहीं दे पाते हैं ऐसे में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे की सुविधा होने के कारण व्यापारियों को काफी आसानी होगी। ऐसे में मऊ जिले में से भी एक्सप्रेस वे पर प्रवेश की व्यवस्था सरकार को जरुर करनी चाहिए।-संतोष जायसवाल-किराना कारोबारी
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.पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का निर्माण काफी सराहनीय है।ऐसे में मऊ जिले में एक्सप्रेस वे पर प्रवेश की व्यवस्था होनी चाहिए। जिससे मऊ जिले के व्यापार में तेजी आ सके। एक्सप्रेस वे से आसानी से व्यापारी मऊ में आएंगे और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।-बालकृष्ण थरड,कारोबारी
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