विश्व जनसंख्या दिवस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें जनसंख्या नियंत्रण पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने दो बच्चों के बीच कम से कम तीन साल का अंतर के फायदे और नुकसान के बारे में बताया।
बुधवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि सचिव जिला विधिक सेवा के शिव कुमार ने बढ़ती जनसंख्या के दुष्प्रभाव पर जानकारी दी। सीएमएओ डा. सतीशचंद्र सिंह ने जनसंख्या स्थिरीकरण पर चर्चा करते हुए परिवार में दो बच्चों पर जोर दिया। कहा कि दोबच्चों के बीच कम से कम तीन साल का अंतर होना चाहिए। जरूरी है कि इसके लिए विवाह की सही उम्र और दंपती को लक्ष्य का निर्धारण करना होगा। इस दौरान जनसंख्या को रोकने के लिए जागरूकता रैली निकालने और लोगों को परिवार नियोजन के स्थाई तथा अस्थाई संसाधनों की जानकारी देने की बात कही। इस मौके पर सरोज राना, संतोष सिंह, आंनद कुमार पांडेय सहित सभी एएनएम और आशा कार्यकर्ता मौजूद रही।
उधर, नगर के प्रकाश हास्पिटल ट्रामा सेंटर एवं प्रकाश नर्सिंग स्कूल की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में चेयरमैन मनीष कुुमार राय ने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस मनाए जाने का मकसद आबादी पर नियंत्रण पाना नहीं बल्कि आसान उपायों को बताया है। नर्सिंग अधीक्षक राजकुमारी ने कहा कि जनसंख्या पर नियंत्रण जरूरी है। सुरक्षित यौन संबंध तथा भ्रूण हत्या को रोकने के लिए नाट्य मंचन किया गया। इस मौके पर डॉ. नीतिश राय, डॉ. अखिलेश बरनवाल, डॉ. आनंद पांडेय, डॉ. केके राय, माधुरी, संजू, मुकेश, दुर्गेश, जयदीप शामिल रहे।