मऊ। जनपद में 32.07 प्रतिशत आबादी अपना जीवन गरीबी में बिता रही है। इसका खुलासा नीति आयोग द्वारा जारी बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक नीति आयोग की प्रदेश की जारी सूची में मऊ जनपद का 51वां स्थान है। मऊ जिले की आबादी 22,05,170 है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार जिले की 32.07 प्रतिशत आबादी अपना जीवन गरीबी में बिता रही है। रिपोर्ट में स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन स्तर, पोषण, बाल और किशोर मृत्यु दर, प्रसव पूर्व देखभाल, स्कूली शिक्षा के वर्ष, स्कूल में उपस्थिति, खाना पकाने के ईंधन, स्वच्छता, पीने का पानी, बिजली, आवास, संपत्ति और बैंक खाते सहित 12 संकेतकों के आधार पर इसकी गणना की गई है।
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार मऊ जनपद के ग्रामीण क्षेत्र में 32.55 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र में 33.14 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार पात्रों को जिले में अब तक 24 हजार से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जा चुका है। प्रतिवर्ष शासन द्वारा भेजी जाने वाली सूची के आधार पर लाभार्थियों के खाते में धन भेजकर भवन निर्माण का कार्य कराया गया है। शासन की तरफ से जिले के एक हजार कुपोषित तथा 490 अति कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए कवायद की जा रही है। जिले में तीन लाख 80 हजार 450 कार्डधारक हैं। इसमें अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या 56, 594 है। इसके अलावा 3,23,856 पात्र गृहस्थी के कार्डधारक हैं। कार्डधारकों को शासन की तरफ से खाद्यान्न योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है।
जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी ददन राम ने बताया कि नीति आयोग की तरफ से मऊ जिले की रिपोर्ट जारी होने की जानकारी मिली है। लेकिन शासन से अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही बताया जा सकता है।
क्या है नीति आयोग की रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक ऑक्सफोर्ड पॉवर्टी एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इनीशिएटिव (ओपीएचआई) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा विकसित विश्व स्तर पर स्वीकृत और मजबूत पद्धति का उपयोग कर तैयार किया जाता है। बहुआयामी गरीबी सूचकांक में मुख्य रूप से परिवार की आर्थिक हालात और अभाव की स्थिति को आंका जाता है।