मऊ। गर्मी में बिजली लोड बढ़ने और बिजली चोरी की समस्या को देखते हुए बिजली विभाग द्वारा जिले में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाना शुरू कर दिया गया है। इस क्रम में शहर में सर्वे कर दो हजार घरों को चिंहित किया गया है। जल्द ही इन मीटरों को लगाया जाएगा। इन मीटरों के लगने के बाद संबंधित उपभोक्ता जितने का रिचार्ज करेंगे उतनी ही बिजली का उपयोग कर पाएंगे।
पहले चरण में लगे इन मीटरों के सकारात्मक परिणाम आने के बाद जिले के तीनों वितरण खंड के सभी उपभोक्ताओं के यहां मीटरों को लगाया जा सकता है।
जिले में बिजली सुविधा तीन विद्युत वितरण खंड में विभाजित है। इसमें नगर का क्षेद्ध विद्युत वितरण खंड प्रथम में आता है। जिसमें करीब साढ़े तीन लाख उपभोक्ता हैं, जिनसे हर माह करीब आठ करोड़ का बिजली वसूल होता है। जबकि इसमें से 40 हजार उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान नहीं करते हैं। ऐसे में बिजली लोड का बढ़ने के साथ विभाग को नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। इसको देखते ही ट्रायल के रूप में विभाग ने नगर में सर्वे कार्य कर दो हजार उपभोक्ता को चिंहित किया है, जिनके यहा इन स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लगाया जाएगा।
विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता बीएल आनंद ने बताया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर दूसरे मीटर की तुलना में आधुनिक तकनीक से लैस है। इस मीटर को लगाने के बाद बाइपास बिजली, मीटर से छेड़छाड़ आदि बिजली चोरी से जुड़े कार्य करना मुश्किल है। इस बीच यदि कोई उपभोक्ता ऐसा करने का प्रयास भी करेगा तो मीटर से सीधे इससे संबंधित मैसेज विभाग के कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। कहा कि जिले में सर्वे कार्य चल रहा है। शहरी इलाकों के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की तैयारी है।
जितना रिचार्ज उतना ही मिलेगी बिजली:
मऊ। अधिशासी अभियंता बीएल आनंद ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के यहां यह मीटर लगेंगे। उन्हें बिजली यूनिट जितनी चाहिए उतने का उन्हें रिचार्ज करना होगा। इतना ही नहीं यह स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के सीधे मोबाइल से जुड़ा होगा।जिससे उस उपभोक्ता को प्रतिदिन इसकी जानकारी होती रहेगी कि वह कितने यूनिट व कितने रुपये की बिजली इस्तेमाल कर चुका है।
नगर के 28 फीडरों के उपभोक्ताओं के यहां लगेंगे मीटर
मऊ। शहरी क्षेत्र के 9 उपकेंद्रों और 28 फीडरों से जुड़े उपभोक्ताओं तक जल्द स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने को लेकर सर्वे का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। इतना ही नहीं शहरी क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में उपभोक्ताओं के घर भी अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर ही लगाए जाएंगे।
प्रीपेड मीटर लगवाने के लिए उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की अतिरिक्त धनराशि नहीं देनी होगी। इसको उपभोक्ताओं के घर पर लगाने का व्यय स्वयं विभाग वहन करेगा। समय-समय पर रिचार्ज कराते हुए उपभोक्ता मोबाइल फोन सेवा की तरह बिजली का लाभ उठाते रहेंगे। - बीएल आनंद, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड प्रथम मऊ