ट्रेलर में बरामद दवा को तस्करों ने 200 से ज्यादा आलू की बोरियों के नीचे छिपाकर रखा था। पुलिस को करीब दो घंटे इन दवाइयों के खेप को बाहर निकालने में लगा। इस दौरान पुलिस ने वाहन में रखा एक पश्चिम बंगाल का नबंर प्लेट बरामद किया। पूछताछ में चालक ने बताया की बिहार की सीमा में घुसते ही यह नंबर प्लेट लगा देता।
आलू की बोरी के नीचे कफ सिरप छुपा कर ले जाने के पीछे का उद्देश्य माना जा रहा है कि यह कफ सिरप बैन है। इसकी की जांच के लिए ड्रग्स इंस्पेक्टर को सूचना दी गई है। बताया गया कि बिहार में शराबबंदी के बाद बड़ी संख्या में लोग नशा के लिए कफ सिरप का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस कारण दवा कारोबारी अन टैक्स पेड कफ सिरप बड़ी संख्या में चोरी-छिपे मंगाने लगे हैं।