अभियोजन के अनुसार, 15 वर्षीय किशोरी को आरोपी 23 अप्रैल 2021 को शादी का झांसा देकर साथ ले गए। आरोपियों ने किशोरी से दुष्कर्म किया। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विनोद तिवारी, अमरजीत तथा भरत सिंह के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने कुल छह गवाहों को पेश किया।
एडीजे ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी भरत सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया। आरोपी विनोद तिवारी और अमरजीत को दोषी पाया। दोनों को पाक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास की सजा के साथ ही अर्थदंड की सजा सुनाई गई।