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समय रहते चेते सिंचाई विभाग तो शहर बच सकता है खतरे से

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मऊ। शहर से उत्तरी छोर के करीब से बहने वाली तमसा नदी में आने वाली बाढ़ से सुरक्षा के लिए बनाया गया तटबंध काफी, कमजोर हो गया है। ढेकुलियाघाट से भदेसरा तक बांध कई स्थानों पर खतरनाक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। 16 साल बाद इस साल अक्तूबर महीने के शुरू में तमसा नदी में आई भारी बाढ़ में बमघाट पर क्षतिग्रस्त हो गए बंधे से सभी अफसरों की सांसें अटक गई थीं। आनन फानन में मरम्मत कराकर शहर को बचाया जा सका।
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अगर समय रहत बंधे की अच्छी तरह से मरम्मत करा दी जाए तो भविष्य में आने वाली भारी बाढ़ से शहर को खतरों से बचाया जा सकता है। शहर को तमसा नदी की बाढ़ से सुरक्षा के लिए कई दशक पहले ढेकुलिया घाट से भदेसरा तक शहर सुरक्षा तटबंध का निर्माण कराया गया लेकिन निर्माण के बाद सिंचाई विभाग ने कभी इसकी सुधि नहीं ली। इसका नतीजा हुआ कि बंधा साल दर साल कमजोर होता गया।
वर्तमान में यह बंधा बम घाट से लेकर भदेसरा तक पांच-छह स्थानों पर काफी कमजोर हो गया है। नदी में साल 2005 में बाढ़ आने पर कई स्थानों पर बंधा के निकट कटान हो गई थी लेकिन सिंचाई विभाग ने उसकी मरम्मत नहीं कराई थी। इसका नतीजा हुआ कि इस साल आई भारी बाढ़ में बमघाट के पास क्षतिग्रस्त हो गया। यह तो संयोग था कि समय रहत इसकी मरम्मत कराकर शहर को बचा लिया गया। लोगों का कहना है कि यदि विभाग परियोजना बनाकर इसकी अच्छी तरह से मरम्मत करा दे तो शहर के लिए भविष्य में आने वाला संभावित खतरा टल सकता है।
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शहर के हरिकेशपुरा मुहल्ला के अर्जुन कहते हैं कि शहर के उत्तरी छोर पर प्रवाहित होने वाली तमसा नदी से शहर को बचाने के लिए बना सुरक्षा तटबंध काफी कमजोर हो गया है। समय रहते इसको मजबूत बनाना होगा अन्यथा भविष्य में बाढ़ आने पर शहर के लिए गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा। वहीं मठियाटोला रवि कहते हैं कि वर्ष 2005 के बाद 16 वर्षों के बाद इस साल तमसा में आई भारी बाढ़ में सुरक्षा तटबंध टूटने का खतरा पैदा हो गया था। रातों-रात सुरक्षा तटबंध की मरम्मत कराई गई और किसी तरह खतरा टला। ढेकुलिया घाट पुल से लेकर भदेसरा तक तटबंध काफी कमजोर हो गया है।समय रहते इसकी मरम्मत कराना जरूरी है। अन्यथा या भविष्य में खतरा का संकेत देता रहेगा।
मठिया टोला के गुड्डू कहते हैं कि तमसा नदी की बाढ़ से बचाने के लिए बना यह बंधा काफी महत्वपूर्ण है। इसका मजबूत रहना शहर की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए परियोजना बनाकर उसकी मंजूरी कराना चाहिए और पूरी रतह मजदूब बनाना चाहिए। उधर, हरिकेशपुरा मुहल्ला के बृजेश कहते हैं कि जब बरसात आती है तो सिंचाई विभाग जागता है।बंध का कमजोर होना शहर के लए खतरे की घंटी है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विरेंद्र सरोज ने बताया किशहर सुरक्षा तटबंध काफी महत्वपूर्ण है। लेकिन इसकी परियोजना नहीं बनाई गई है। जमींदारी बंधे की परियोजना शासन को मंजूरी के लिए भेजी गई है। शहर सुरक्षा बांध जहां जहां कमजोर होगा, वहां वहां बरसात आने से पहले बंधे की मरम्मत करा दी जाएगी।
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