मऊ। मिशन प्रेरणा के तहत जनपद को प्रेरक जिला बनाए जाने के क्रम में बीएसए ओपी त्रिपाठी ने शनिवार को शिक्षकों से आनलाइन संवाद किया।
बीएसए ओपी त्रिपाठी ने कहा कि सभी गुरुजन समर्पण एवं सेवाभाव से अध्यापन कार्य करें। उन्होंने कहा कि गुरु का धर्म है पढ़ना और पढ़ाना और आज के समय में गुरुजनों को अपडेट रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बच्चों को स्कूल में कत्तई न बुलाएं लेकिन गाइड लाइन का पालन करते हुए सुरक्षित तरीके से शिक्षक गांव में जाकर बच्चों को छोटे-छोटे समूहों में एकत्र कर पढ़ाएं। कहा कि मिशन पहचान मूल्याकंन परीक्षा फरवरी माह में ब्लाक स्तर पर आयोजित होगी, जिसमें पाठ्यक्रम के साथ-साथ परिवेश से प्रश्न पूछे जाएंगे। कहा कि सभी शिक्षक समस्त योजनाओं को समय पर पूरा करें। सभी विद्यालयों में दिव्यांग शौचालय का निर्माण जरुरी है। शिक्षक संकुल प्रत्येक माह नियमित बैठक करें।
साथ ही डीसीएफ फार्म आनलाइन सम्मिलित करें। शिक्षक अभिभावकों से बात करें और एसएमसी की बैठक नियमित रूप से करें। बीएसए ने कहा कि दिसंबर में केपीआई के अंतर्गत सभी योजनाओं को मूर्त रूप में शिक्षक ही लागू कर सकते हैं। इसीलिए सभी शिक्षक प्रेरणा लक्ष्य को आत्मसात कर जनपद को प्रेरक जनपद बनाने में सहयोग करें। एक शिक्षक कम से कम दस अभिभावकों के मोबाइल फोन में दीक्षा ऐप और रीड एलांग ऐप जरूर डाउनलोड कराएं। दिसंबर में की परफार्मेंस इंडेक्स के अनुसार खंड शिक्षा अधिकारी, डायट मेंटर, एसआरजी,एआरपी, शिक्षक संकुल,शिक्षक,शिक्षा मित्र, अनुदेशक सभी मिलकर कार्य करें तो जनपद प्रदेश में उच्च स्तर पर आ सकता है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर जनपद को प्रेरक जनपद बनाएंगे।