फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सदर अस्पताल में मरीज की मौत होने पर नहीं मिलेगा सरकारी वाहन

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज की बीते मंगलवार को मौत हो गई। मरीज के परिजन शव को घर ले जाने के लिए पांच घंटों तक भटकते रहे। लेकिन उन्हें सरकारी वाहन नहीं मिला। जिला अस्पताल की सरकारी एंबुलेंस के चालक ने परिजनों से डीजल और वाहन की धुलाई के लिए रुपयों की मांग की। परिजनों की विवशता देख अस्पताल के ही एक कर्मचारी ने अपने पास से रुपये देकर प्राइवेट एंबुलेंस से शव को भेजवाया।
विज्ञापन

बलिया जिले के रसड़ा कोतवाली के पचवार गांव निवासी देवेंद्र राम 53 की तबीयत बिगड़ने पर बेटे अंजनी ने किसी की बाइक मांग कर अपनी मां के साथ पिता को बैठाकर सदर अस्पताल पहुंचाया। दो घंटे बाद उनकी मौत हो गई। परिजनों ने शव घर पहुंचाने के लिए वाहन मांगा। आरोप था कि चालक ने शव पहुंचाने के लिए डीजल और धुलाई के लिए रुपये मांगे। असमर्थता जताने पर नियमों का हवाला देकर उसने कन्नी काट ली। चौंकाने वाली बात यह कि प्रभारी सीएमएस डा.सीपी आर्य ने कहा कि सदर अस्पताल में शव वाहन नहीं है। एंबुलेंस से शव नहीं भेजवाया जा सकता है। चालक ने रुपये मांगे हैं तो इसकी जांच होगी। सीएमओ डॉ. एसएन दुबे ने बताया कि प्रकरण काफी गंभीर है। यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। प्रकरण की जांच कराई जाएगी और भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके पुख्ता इंतजाम कराए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें