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महिला अस्पताल में इलाज भगवान भरोसे, समय से नहीं आते डाक्टर

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मऊ। जिला महिला अस्पताल में इन दिनों मनमाना संचालान किया जा रहा है। चिकित्सकों की तैनाती के बाद भी चिकित्सकों को अस्पताल में न पहुंचना मरीजों के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। आए दिन चेंबर से चिकित्सकों के गायब रहने से मरीज इलाज के लिए भटकते नजर आ रहे हैं। स्थिति यह है कि डाक्टरों के चेंबर के बाहर मरीज उनका इंतजार कर थक जा रहे हैं।
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मंगलवार को जिला महिला अस्पताल में सुबह के 10.20 बजे ओपीडी से सभी चिकित्सक नदारद रहे। मरीजों का कहना है कि ऐेसी ही स्थिति हर रोज देखने को मिलती है। जिला महिला अस्पताल से पिछले दिनों एक नियमित महिला चिकित्सक ने इस्तीफा दे दिया था। महिला अस्पताल एक नियमित और दो संविदा चिकित्सकों के भरोसे संचालित हो रहा है। साथ ही इन दिनों महिला मरीजों का इलाज एक आयुष चिकित्सक कर रहा है। लेकिन मंगलवार की सुबह वह भी नदारद रहा।
विशेषज्ञ चिकित्सकों से लिया जा रहा ईएमओ का कार्य
मऊ। जिला महिला अस्पताल में छह इमरजेंसी मेडिकल आफिसर के पद पिछले काफी समय से रिक्त चल रहे हैं। जिस कारण विशेषज्ञ चिकित्सकों से इमरजेंसी में भी कार्य लिया जा रहा है। स्थिति यह है कि चिकित्सकों की कमी के बीच जैसे-तैसे महिला मरीजों का इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। जबकि करोड़ों रूपये की लागत से महिला अस्पताल में 100 बेड का एमसीएच (मदर एंड चाइल्ड विंग) बनाया गया है। लेकिन मानव संसाधन की कमी के बीच मरीजों का समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।
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महिला अस्पताल की सीएमएस चंद्र सिंहा नेे बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को देखने के लिए चिकित्सक सुबह राउंड पर जाते हैं। लेकिन इसके बाद भी किसी चिकित्सक की तरफ से लापरवाही बरती जा रही है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सकों की कमी के बीच मरीजों को समुचित इलाज के प्रबंध के लिए वह कार्य कर रही हैं।
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