प्रत्याशियों के साथ समर्थकों और आम लोगों में परिणाम को लेकर सुबह से ही उत्सुकता बढ़ी है। सोशल मीडिया पर भी घोसी उपचुनाव का परिणाम छाया हुआ है। सुबह छह बजे से ही मतगणना स्थल में प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा बलों की आवाजाही तेज हो गई थी। जैसे ही मतों की गिनती शुरू हुई, सपा की बढ़त से उनके समर्थकों की बाछें खिल गईं। लेकिन समय के साथ भाजपाइयों और उनके समर्थकों की खुशी परिसर से लेकर सड़क पर बढ़ती चली गई।
घोसी में बीजेपी के प्रत्याशी दारा सिंह चौहान हैं जो पिछली बार सपा के टिकट पर विधानसभा पहुंचे थे। उनके मुकाबले में समाजवादी पार्टी से सुधाकर सिंह चुनावी मैदान में उतारा है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प रहेगा कि सपा अपनी इस सीट को बचा पाने में कामयाब रहती है की नहीं।
जानकार मानते हैं कि अखिलेश ने सीट को बचाने के लिए अपने पुराने फॉर्मूले पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) पर ही यकीन किया है। घोसी विधानसभा में अधिकतर मतदाताओं की संख्या दलित और मुस्लिमों की है। इसके बावजूद अगर चुनाव परिणाम सपा के पक्ष में नहीं आते हैं तो इसका सीधा असर इंडिया गठबंधन पर भी नजर आ सकता है।