जिला ग्रामोद्योग अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि प्रदेश खादी ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत माटी कला के कारीगरों को नि:शुल्क किट का वितरण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पर्यावरण को हो रहे नुकसान से बचाने के लिए प्लास्टिक से निर्मित कप-प्लेट के उपयोग पर प्रदेश में प्रतिबंध लगाया गया है। इसके विकल्प के रूप में मिट्टी से निर्मित पात्रों के उपयोग और उनके औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कुम्हार/माटी कला से जुड़े परंपरागत कारीगरों को प्रशिक्षित कर विपणन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
विभाग द्वारा माटी कला के कारीगरों को नि:शुल्क किट वितरित की जाएगी। इसके लिए विभागीय वेबसाइट upmatikalaboard.gov.in पर टूल किट के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है।
आवेदक का माटी कला का परंपरागत कारीगर होना और वर्तमान में इस कार्य में संलग्न होना अनिवार्य है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 मई है।
अधिक जानकारी के लिए जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, संगीत पैलेस, निजामुद्दीनपुरा में संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा 7408410764 और 7905331603 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।