घोसी/वालिदपुर। बिना पंजीकरण के संचालित अस्पताल को लेकर सोमवार को मुहम्मदाबाद गोहना और घोसी तहसील में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चलाया। इस दौरान घोसी में बिना पंजीकरण के चार अस्पतालों को सीज किया गया। मुहम्मदाबाद गोहना में अभियान एक दौरान नगर में तैनात एक एएनएम अपने आवास पर दो गर्भवती महिलाओं को इलाज करते मिली। उधर विभागीय टीम को देखते हुए दोनों जगहों पर कई अस्पताल संचालक शटर गिराकर फरार हो गए।
एसीएमओ डॉ आरएन सिंह के नेतृत्व में एक टीम घोसी में सबसे पहले करीमुद्दीनपुर स्थित मां शारदा हेल्थ केयर सेंटर पहुंची। टीम को देखते ही अस्पताल में तैनात स्वास्थ्यकर्मी भाग खड़े हुए। अस्पताल को सीज कर टीम 100 मीटर दूर स्थित फैमिली चिकित्सालय पहुंची। यहां टीम ने मौजूद महिला स्वास्थ्यकर्मी से अस्पताल से पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज दिखाने को कहा। कागज नहीं दे पाने पर अस्पताल को सीज कर दिया। बिना पंजीकरण के चल रहे सहारा नर्सिंग होम को भी सीज कर दिया गया। यहां भी टीम के आने से पहले अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी फरार हो गए थे।
स्वास्थ्य विभाग की टीम 200 मीटर दूर सीपी हॉस्पिटल की भी जांच की। बिना पंजीकरण के अस्पताल चल रहा था। कार्रवाई करते हुए इसे सीज कर दिया। इससे पहले डिप्टी सीएमओ डॉ एचएन मौर्य के नेतृत्व में अमर उजाला द्वारा प्रकाशित खबर के बाद अभियान चलाया गया। लेकिन टीम के आने की सूचना लीक होने पर संबंधित अस्पताल के अलावा कई अस्पताल संचालकों ने ताला बंद कर दिया था। इसी बीच एक शिकायत पर जमीन बरामदपुर कैलेंडर तिराहे के पास एक आवास पर पहुंची। यहां एक महिला पूनम यादव स्वास्थ्य विभाग में खुद को एएनएम बताई। साथ ही खुद की तैनाती नगर में होने की बात कही। यहां टीम को दो महिला मरीज आवास पर इलाज कराती मिलीं। आस-पास के लोगों ने बताया कि महिला स्वास्थ्यकर्मी घर में प्रसव कराती है।
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चार मौतों के बाद जागे जिम्मेदार, तीन दिन में सात अस्पताल सील
अगस्त माह के 31 दिन में बिना पंजीयन के संचालित अस्पताल में चार महिला मरीजों की मौत के बाद चेते स्वास्थ्य विभाग ने सबसे पहले 30 अगस्त को अभियान चलाकर रतनपुरा ब्लॉक में तीन अस्पताल को सीज किया गया। इसके बाद तीसरे दिन सोमवार को घोसी में चार अस्पताल पर कार्रवाई की।
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इनसेट
अस्पताल पहुंचने से पहले आ जा रहा जनप्रतिनिधि का फोन
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अभियान को लेकर जितना विभाग सख्ती दिखा रहा है। उतना ही बिना पंजीकरण के चल रहे अस्पतालों को बचाने के लिए जनप्रतिनिधि के अलावा सत्ता पक्ष के नेताओं के साथ दूसरी पार्टी के नेताओं का पैरवी वाले फोन आ रहे हैं। बड़े नेता का नाम भी इसमें शामिल है। उधर तीन दिन अभियान को शुरू होने के बाद भी नगर में अभियान न चलने को लेकर विभागीय अधिकारियों का दावा है यहां बड़े स्तर पर कई टीम बनाकर अभियान चलाया जाएगा।
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जिले में बिना पंजीकरण वाले 200 अस्पताल और क्लिनिक
सीएमओ कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार मऊ जिले में 53 क्लीनिक, 32 अस्पताल और 65 डायग्नोसिस सेंटर पंजीकृत हैं। केवल मऊ शहर में ही 50 से ज्यादा बिना पंजीकरण के अस्पताल चल रहे हैं, जबकि जिले में यह आंकड़ा 200 से ज्यादा का है। वजर्न
नगर में भी जल्द अभियान चलाया जाएगा, अधिक संख्या में अस्पताल संचालित होने के चलते यहां टीम अधिक चाहिए, टीम बन चुकी है जल्द ही एक साथ नगर में कई जगहों पर अभियान चलेगा। आज भी चार अस्पताल सीज किए गए हैं। आगे भी इस तरह के बिना पंजीकरण के अस्पताल सीज होंगे। दवाब डालने की कोशिश की जा रही है लेकिन कोई असर नहीं होगा।
डॉ राहुल सिंह, सीएमओ, मऊ
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अस्पताल वाली खबर में इनसेटमेडिकल की आड़ में प्रसव केंद्र संचालित, छापे के दौरान मरीज भागे,बंद मिला मेडिकल हाल
घोसी।स्थानीय नगर के कस्बा खास रोड पर मेडिकल हाल के नाम पर अवैध प्रसव केंद्र संचालित था।जिसमें बगैर बोर्ड के ही संचालित होता था।छापेमारी के दौरान एक मरीज के साथ सात आठ महिलाएं मौजूद थी जो मौके का फायदा उठाकर मरीज सहित भाग गई।जब कि मेडिकल हाल बंद मिला।जिसे बार बार बुलाने पर भी नहीं आया।बल्कि भाजपा एवं उसके भाई चंद्र शेखर ही आए और दस बजे से चार बजे तक मेडिकल हाल संचालित करने की जानकारी दी।