इधर सूचना के बाद पुलिस हरकत में आई और जगह-जगह नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी। अपहर्ता वहां से भागते हुए चिरैयाकोट थाना क्षेत्र पार कर गाजीपुर के दुल्लहपुर थाना क्षेत्र में पहुंच गए। अपहर्ताओं ने पूर्व प्रधान को बेहोशी का इंजेक्शन भी लगाया। लेकिन वह इंजेक्शन ठीक से नहीं लग पाया। यहीं पर होशियारी दिखाते हुए पूर्व प्रधान बेहोशी का नाटक करते हुए वाहन में पड़े रहे।
जलालाबाद गांव के पास रुक कर अपहर्ता वाहन से कुछ दूरी पर हट कर बात करने लगे। इस बीच मौका देखकर पूर्व प्रधान गेट खोलकर बचाओ-बचाओ का शोर मचाते हुए पास की दलित बस्ती में घुस गए।
पुलिस की सक्रियता देख अपहर्ता भी पूर्व प्रधान को छोड़कर बोलेरो में सवार हो कर वहां से भेगा। लगभग दो किलोमीटर आगे एक गांव में बोलेरो को छोड़कर पैदल ही निकल भागे। पूर्व प्रधान को लेकर पुलिस वापस मऊ लौटी। सीओ मुहम्मदाबाद गोहना राजकुमार सिंह, चिरैयाकोट, रानीपुर और एसओजी टीम के साथ कई थानों की पुलिस के साथ अपहर्ताओं की तलाश में जुटे हैं।
इस बाबत एसपी सुशील घुले का कहना है कि पूर्व प्रधान को अपहर्ताओं के चंगुल से छ़ुड़ा लिया गया है। अपहरण में प्रयुक्त वाहन कब्जे में ले लिया गया है। अपहरण के कारणों का पता लगाया जा रहा है।