मऊ। जनपद में फोरलेन के निर्माण की गति काफी धीमी है। मुख्यमंत्री की फटकार के बाद काम में थोड़ी तेजी आई थी लेकिन बीते दो माह से पुन: काम में फिर सुस्ती आ गई है। फोरलेन का कम से कम एक लेन मार्च महीने में चालू कर दिया जाना था, लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते दो महीने बाद भी स्थिति जस की तस है।
जनपद में फोरलेन का हिस्सा 56 किलोमीटर लंबाई में पड़ता है इसमें टोंस नदी से लेकर घाघरा नदी तक पुलों का निर्माण भी शामिल है। पुराने नेशनल हाईवे पर जो निर्माण होना है उसमें तो कई स्थानों पर एक लेन का निर्माण लगभग 80 प्रतिशत हो चुका है लेकिन जो निर्माण बाईपास पर होना है, उसमें अभी काफी काम बाकी है। हालांकि एन एच आई के अधिकारियों का दावा है कि कुल निर्माण का लगभग 80 परसेंट काम हो चुका है लेकिन धरातलीय स्थिति कुछ और ही बयां करती हैं।
कई स्थानों पर पुरानी सड़कों को क्रास करने के लिए जो ओवरब्रिज बनाए जाने हैं ,वह भी अभी कहीं कंप्लीट नहीं हुए हैं ,इनमें बढ़ुवा गोदाम काझा मार्ग, मऊ मोहम्मदाबाद राजमार्ग ,कोपागंज भातकोल मार्ग, घोसी नदवासराय मार्ग ,अमिला अजमतगढ़ मार्ग, अमिला लाट घाट मार्ग और दोहरीघाट आजमगढ़ मार्ग शामिल हैं ।घाघरा नदी पर 18 जोड़ी पिलर बना दिए गए हैं लेकिन इनमें से केवल 7पिलरों तक स्लैब लगाया जा सका है। बाईपास पर सबसे ज्यादा काम बढ़ुवा गोदाम से लेकर सहरोज, कोपागंज काछीकला होते हुएभदसा मानोपुर तक काम बाकी है। इस मार्ग पर अभी मिट्टी का कार्य बहुत ज्यादा बाकी है, जहां-जहां रोड क्रॉसिंग है, वहां वहां काम काफी बकाया है, कई स्थानों पर जमीन के मुआवजे के विवाद को लेकर किसानों ने भी काम रोक रखा है ,लेकिन वह भी निस्तारित नहीं हो पा रहे हैं।
इस बारे में एनएचआई के पीडी नरेंद्र सिंह से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने कई बार के प्रयास के बाद भी फोन रिसीव नहीं किया। बता दें कि फोरलेन निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी काफी गंभीर रहे। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों सहित निर्माण दाई संस्था के अधिकारियों को भी फटकार लगाते हुए मार्च तक एक लेन कंप्लीट करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य में तेजी नहीं आ सकी है।