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Mau News: हत्या और हत्या के प्रयास के क्राॅस केस में पांच को आजीवन कारावास

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मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार ने हत्या और हत्या का प्रयास के क्रॉस केस के मामले में कुल 18 आरोपियों में सुनवाई के बाद एक पक्ष तीन लोग रघुवीर, रामकरन और ढुनमुन को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 45-45 हजार जुर्माना लगाया। वहीं दूसरे पक्ष के रामचंद्र और हरिकिशुन को हत्या के प्रयास का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा के साथ ही कुल 35- 35 हजार रुपते जुर्माना लगाया।
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एक पक्ष के मैनेजर, हरेंद्र ,सुरेश और उमेश तथा दूसरे पक्ष के रामसरीख व रमेश को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं एक पक्ष के चंद्रबली, श्रीकिशुन उर्फ श्री कृष्ण तथा दूसरे पक्ष के रमाशंकर उर्फ शंकर, रामबचन और शंकर की मृत्यु होने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी। वहीं दो के नाबालिग की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। मामला मधुबन थाना क्षेत्र के सद्दोपुर गांव का है।

अभियोजन के अनुसार अभियोजन के अनुसार मछली मारने और आम बीनने से मना करने के विवाद को लेकर दो पक्षों में 28 मई 1999 की सुबह मारपीट हो गई। इस दौरान एक पक्ष के रामचंद्र यादव की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें रघुवीर, रामकरन, चंद्रबली, ढुनमुन, श्रीकिशुन उर्फ श्री कृष्ण, मैनेजर, हरेंदर, सुरेश व उमेश को आरोपी बनाया गया। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से ढुनमुन यादव पुत्र मेघू की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई।
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इसमें रमाशंकर उर्फ शंकर, रामसरीख, रामचंदर, हरिकिशुन, रामबचन, रमेश, शंकर, राजेश और हरिलाल को आरोपी बनाया गया। इसमें रामचंद्र यादव के अनुसार मारपीट मे एक पक्ष के श्री किशुन यादव, हरिकिशुन, रामचंद्र, शंकर, राजेश और मनोज को चोटें आई, इलाज के दौरान श्री किशुन की मौत हो गई। वही ढुनमुन यादव के अनुसार मारपीट उसे, रघुवीर, रामकरन, चंद्रबली,मुसदिया देवी और रामचंद्र यादव को चोटें आई। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
जिला जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद एक पक्ष के रघुवीर, रामकरन और ढुनमुन को बलवा, हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने और धमकी देने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद तीनों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाया। वहीं दूसरे मामले में रामचंद्र और हरिकिशुन को हत्या का प्रयास, बलवा, गंभीर चोट पहुंचाने, मारपीट, गाली व धमकी देने के मामले में दोषी आजीवन कारावास की सजा की सजा सुनाया।
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