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Mau News: आबादी के बीच कबाड़ के गोदाम में लगी आग, तीन किमी दूर तक दिखा धुआं

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मऊ। शहर कोतवाली क्षेत्र के संगीत पैलेस के पास आबादी के बीच संचालित कबाड़ गोदाम में तार से निकली चिंगारी से आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि तीन किमी दूर तक धुआं के गुब्बार को लोग सहज देख पा रहे थे। हादसे की सूचना मिलने पर चार दमकल गाड़िया मौके पर पहुंचीं और करीब दो घंटे की मशक्कत से आग पर काबू पाया। समय रहते लोगों की एकजुटता और दमकल कर्मियों की सक्रियता से बड़ा हादसा होने से बच गया।
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संतोष जायसवाल द्वारा संगीत पैलेस के पास अपना गोदाम संचालित करते हैं। सोमवार की सुबह करीब 11 बजे रोज की तरह उनके गोदाम में तैनात मजदूर काम कर रहे थे। इसी बीच बिजली के केबिल से निकली चिंगारी कबाड़ में आ गिरी। सूखा कबाड़ा होने से आग लग गई। आबादी के बीच लगी भीषण आग से थोड़ी ही देर में अपरा तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों ने फायर बिग्रेड को सूचना देने के साथ खुद अपने घरों के मोटर चालू कर आग पर काबू पाने का प्रयास करने लगे। चार दमकल गाड़ियां भी मौके पर पहुंची। इसबीच एक तरफ से आग बुझती जब तक दूसरे तरफ से आग अपना विकराल रूप पकड़ ले रही थी, जिसके बाद दमकलकर्मियों ने चारों तरफ से एक साथ आग पर काबू पाने का प्रयास किया, जिसमें वह सफल रहे।
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दुबारी आगलगी का बना हॉटस्पाट, अब तक हो चुकी हैं 15 से ज्यादा आगलगी की घटना
मऊ। जिले में बीते दो माह में पंद्रह से ज्यादा छोटी बड़ी आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें सोमवार की घटना अब तक की तीसरी बड़ी घटना है। इस साल की सबसे बड़ी और पहली घटना मुहम्मदाबादगोहना कस्बा स्थित एक व्यापारी के गोदाम मेें बीते जनवरी 2025 में आग लग गई। जिसमें लगभग तीन करोड़ का सामान जलकर नष्ट हो गया था। इसके बाद दोबारा 7 फरवरी इसी गोदाम में आग लगी थी।
वहीं दूसरी बड़ी घटना दुबारी के खैरा में हुई, जहां एक रिहायशी मड़ई में आग लगने से उसमें सो रहे नवजात बच्चे की झुलसने से मौत हो गई थी। आगलगी की घटना आठ घटनाएं दुबारी कस्बा में सबसे अधिक हुई है। इसमें बीते नौ मार्च को कार में आग लगी, 17 फरवरी को धर्मसीपुर जलरहवा में चार मड़ई में, 14 फरवरी को खैरा में एक रिहायशी मड़ई में तो तीन फरवरी को टांडा में चूल्ककी चिंगारी से तीन मड़ई में आग लगी की घटना शामिल होना है। जिले में दो माह के अंदर यह तीसरी घटना है, जो कि अग्निशमन विभाग के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारों पर सवाल उठाती है। दरअसल सोमवार को जिस जगह गोदाम में आग लगी की घटना हुई है, वह घनी आबादी के बीच संचालित हो रहा है। इससे पहले जनवरी और फिर 18 दिन बाद उसी गोदाम में दुबारी आग लगी थी।
इस घटना में तो संबंधित गोदाम के आस पास के कुछ घरों की दीवारें चटक गई थी। दोनों ही घटना जिन गोदाम में हुई है वह आबादी के बीच संचालित होना मिला। मुहम्मदाबाद गोहना में आग लगने के बाद अग्निशमन विभाग ने स्थानीय एसडीएम को अवगत कराया, जिसके बाद तहसील प्रशासन ने नोटिस भी जारी किया था। लेकिन क्या कार्रवाई हुई पता नहीं चला
तीन में दो अब भी निर्माणाधीन, केवल एक जगह शुरू हुआ फायर स्टेशन
मऊ। घोसी तहसील के अमिला और मधुबन के कटघरा शंकर तीन साल से फायर स्टेशन निर्माणाधीन है, जिसके चलते हैंडओवर नहीं हो पाया है। पुलिस आवास निगम ने तीनों तहसीलों में एक साथ फायर स्टेशन का निर्माण शुरू किया था। आग लगने के बाद ग्रामीण फोन से अग्निशमन विभाग से सहायता तो मांगते हैं। लेकिन घटनास्थल तक दमकल वाहन पहुंचते में काफी क्षति हो जाती है। मुहम्मदाबाद गोहना के चालिसवां में बना फायर स्टेशन हैंडओवर होने के बाद 29 फरवरी 2024 को उद्घाटन कर संचालित किया जा रहा है।
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