बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं की फसल से मरहूम हुए सैकड़ों किसानों ने बुधवार को कृषि भवन में आयोजित किसान दिवस पर आए जिलाधिकारी का घेराव किया। इस दौरान किसानों ने प्रशासन विरोधी नारे भी लगाए। किसानों ने कहा कि हमारी फसलें तबाह हो गईं लेकिन मुआवजा के नाम पर हमें धेला तक नहीं मिला। इतना ही नहीं हमारी शिकायत सुनने वाला भी कोई नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बेमौसम बारिश व ओला वृष्टि से जिले के अधिकांश किसानों की रबी की फसल चौपट हो गई। सीजन बीत जाने के बाद भी भी किसानों को राहत चेक नहीं दिया गया। कहा कि घोषणा के बाद प्रशासन ने मात्र 20 प्रतिशत किसानों को ही राहत चेक दिया। जबकि लगभग 80 प्रतिशत किसान राहत चेक पाने से वंचित हैं। बताया कि जिले में किसी भी किसान को 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से फसल क्षति का मुआवजा नहीं दिया गया है। जबकि गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया जनपद में पीड़ित किसानों को 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा मिला है। कहा कि मऊ के किसानों के साथ प्रदेश सरकार ने भेदभाव किया है। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि कम बारिश के बावजूद जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की स्थिति दिन ब दिन दयनीय होती जा रही है। कम बिजली मिलने से रोपाई नहीं हो पा रही है। नहरों में मानक के अनुरूप पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। किसानों की मांगों पर अविलंब विचार नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। लगभग दो घंटे बाद जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव धरना स्थल पर पहुंचे। किसानों ने जिले के सभी पीड़ित किसानों को राहत चेक देने, 18 घंटा बिजली देने सहित चार सूत्री ज्ञापन सौंपा। घेराव करने वालों में किसान नेता राकेश सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय नारायण शर्मा, अमरनाथ दुबे, रामाश्रय मौर्या, परशुराम सिंह, रामनाथ सिंह, अजय तिवारी, रामअवध यादव, आलोक सिंह, तारकेश्वर सिंह, स्वामीनाथ सिंह, बृजनाथ सिंह, नागेंद्र सिंह, परमात्मा सिंह, हरिशंकर तिवारी, मुन्नी राम, क्षत्रपति सिंह
आदि शामिल थे।