कोपागंज। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों के किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है। नाराज किसानों ने गांधी जयंती पर सामूहिक आत्मदाह करने का अल्टीमेटम दिया है।
सिंचाई विभाग और राजस्व विभाग के आला अधिकारियों के मिलीभगत से शारदा सहायक खंड 32 द्वारा पूर्व में किसानों की भूमि अधिग्रहण कर धोखाधड़ी से कड़ी के स्थान पर एयर में खारिज दाखिल कर लिया है। जो किसानों के साथ अन्याय है। किसानों के अनुसार भेलाबांध, कनियारीपुर, हसनपुर, लैरो दोनवार, लैरो बेरूवार, इंदारा महुवार सहित विभिन्न गांवों में किसानों की भूमि शारदा सहायक खंड 32 नहर के चौड़ीकरण के नाम 1976 में अधिग्रहण किया गया। जिसका मुआवजा 30 वर्ष बाद 2005-2006 में किसानों को कड़ी के हिसाब से हुआ था। लेकिन सिंचाई विभाग और राजस्व विभाग के आला अधिकारियों की मिलीभगत और किसानों के साथ धोखाधड़ी करके एयर में खारिज दाखिल कर दिया गया जिससे किसानों के अधिग्रहण किए गए जमीन की कीमत कम देकर अधिक जमीन खारिज दाखिल करके हड़प लिया गया है।
इस संबंध में किसानों के पूर्व में कई बार आला अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया गया लेकिन इस समस्या का निस्तारण नहीं हो सका। 24 सितंबर 2020 को किसानों ने रजिस्टर्ड डाक द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अवगत कराया लेकिन कार्रवाई नहीं करने से किसान बेचन मौर्य के नेतृत्व में राम नवल राही, लालचंद राम, जगन्नाथ, वीर बहादुर यादव, किसुन, राजू, अवधेश सिंह, भुल्लन,रमेश अनिल आदि किसानों ने दो अक्तूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर लैरो बेरूवार के गाटा संख्या 330 जो बेचन मौर्य का खेत है के पास शारदा सहायक खंड 32 के पुलिया पर सामूहिक आत्मदाह करेंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की होगी।