सोमवार को टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। जांच में गलत पाए जाने पर अस्पताल को सील करने के साथ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी। जिले में कहीं भी फर्जी तरीके से अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक संचालित पाया जाएगा, संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एक तरफ जहां देश में बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए सख्ती शुरू की गई है। वहीं दूसरी ओर अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीज तो दूर चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी भी कोविड नियमों का अनदेखी कर रहे हैं। मऊ जिले में वर्तमान में कुल 21 कोरोना के सक्रिय मरीज हैं, इनमें से 15 संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। इसके बाद भी अस्पतालों में कोविड नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
रविवार सुबह 11.30 बजे की पड़ताल में कोपागंज सीएचसी पर इलाज के लिए 20 से अधिक मरीज अपनी बारी की प्रतिक्षा करते रहे। इमरजेेंसी कक्ष में डा. रमेश यादव और वार्ड ब्वाय श्रीराम तैनात रहे। स्थिति यह रही कि कोविड से बचने के लिए सामाजिक दूरी और मास्क पहनने के जरूरी नियम की अनदेखी होती रही।
36 बेड के कोपागंज सीएचसी पर आठ चिकित्सकों की तैनाती है। वर्तमान में एक चिकित्सक की ड्यूटी कोविड में लगाई गई है। अस्पताल में एक्सरे तकनीशीयन और डार्क रूम सहायक की तैनाती है। लेकिन अबतक इस अस्पताल में एक्सरे मशीन नहीं लगाई जा सकी है।
क्षेत्र के लाखों लोगों के इलाज का जिम्मा कोपागंज सीएचसी, चार प्राथमिक स्वास्थ्य और 30 उप स्वास्थ्य केंद्र पर है। लेकिन चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण लोगों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डा. अनिल कुमार का कहना है कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क जरूरी है। सभी को सामाजिक दूरी और अनिवार्य रूप से मास्क लगाने जैसे नियमों का पालन कराया जायेगा।