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आखिरकार विभागीय अधिकारियों ने ली धान क्रय केंद्रों की सुधि

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मऊ/चिरैयाकोट। धान क्रय केंद्रों पर चल रही मनमानी की सुधि आखिरकार विभागीय अधिकारियों ने ले ही लिया। अमर उजाला ने तीन जनवरी के अंक में पेज पांच पर धान बेचने को किसानों को करनी पड़ रही मशक्कत शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर को संज्ञान में लेकर सोमवार को मंडलीय संभागीय खाद्य नियंत्रक राममूरत पांडेय ने चिरैयाकोट क्षेत्र के धान क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में तमाम अनियमितता मिली। गड़बड़ी मिलने पर डीसीएफ धान क्रय केंद्र प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा है। निरीक्षण से धान क्रय केंद्र प्रभारियों में हड़कंप की स्थिति रही।
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किसानों को धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए धान खरीद योजना शुरू की गई है। कई वर्षो से योजना का लाभ न मिल पाने से किसानों की आर्थिक स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। धान क्रय केंद्रों पर किसानों से कटौती करने का खेल चल रहा है। इसके साथ ही तमाम अनियमितता बरती जा रही है।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों की नींद टूटी। खबर को संज्ञान में लेकर सोमवार को मंडलीय संभागीय खाद्य नियंत्रक राममूरत पांडेय ने चिरैयाकोट क्षेत्र के धान क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में क्षेत्र के डीसीएफ धान क्रय केंद्र काजीहसन का औचक निरीक्षण किया। जांच में धान क्रय केंद्र प्रभारी काजीहसन के अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण मांगा।
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धान क्रय पर मौजूद एक कर्मचारी से स्टाक रजिस्टर मांग कर जांच किया तो उसमे देखा कि केंद्र पर अब तक 28 किसानो से 1737 क्विंटल धान की खरीद की गई है। जिसमे 1200 क्विंटल पइया निकला दिखाया गया। केंद्र पर 157 नये खाली बोरे शेष मिले और यह भी पाया स्टाक रजिस्टर में 29 दिसंबर से खरीद हुई ही नही है अंकित नहीं मिला। जिसपर डीसीएफ धान क्रय केंद्र प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा है। चिरैयाकोट स्थित क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण में सही मिलने पर संतोष प्रकट किया।
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