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दशकों बाद भी नगर में नहीं बन सका अंडरग्राउंड पार्किंग:

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मऊ। विकास कार्यों को लेकर नगर पालिका हर साल तो बोर्ड की बैठक में खाका तैयार करती है लेकिन इसमें से कुछ ही कार्य वास्तविक रूप में पूरे हो पाते हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति वर्तामान में मऊ नगर पालिका की है। तीन लाख से ज्यादा आबादी वाले इस नगर को स्मार्ट बनाने के लिए कई विकास कार्य की कार्ययोजना तैयार हुईं लेकिन अधिकांश विकास कार्य अधर में हैं।
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नगर पालिका गठन के दशकों बाद भी नगर में अंडरग्राउंड पार्किंग की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इससे नगर में प्रमुख सड़कों पर वाहनों के बेतरतीब खड़े रहने से आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए लाखों रुपये की लागत से डिवाइडर तो बनाया गया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। नगर में एक पार्क और तमसा नदी किनारे तीन घाट को अपडेट करना भी शामिल था। नगरपालिका के गठन के दशकों बाद भी नगर में अंडरपार्किंग की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। हालत यह है कि शहर के प्रमुख मार्गों पर दुपहिया तथा चार पहिया वाहनों का जमघट लगा रहता है। आजमगढ़ मोड़ से लेकर रोडवेज तक दुपहिया वाहनों, चार पहिया वाहनों के आड़े तिरछे खड़ा करने से सड़क संकरी हो गई है। इससे वाहन से चलना तो दूर पैदल अपने गंतव्य तक जाने वालों का चलना मुश्किल हो जाता है।
नगर पालिका प्रशासन की तरफ से मुंशीपुरा में अंडरग्राउंड पार्किंग बनाने का प्रस्ताव बनाया गया तो लेकिन अभी तक इसे मूर्त रूप नहीं दिया जा सका है। इसके अलावा बुनकर कॉलोनी में सरकारी जमीन पर नगर पालिका द्वारा पार्क बनाए जाने की योजना तो तीन वर्ष पहले ही तैयार कर लिया, लेकिन कार्ययोजना ठंडे बस्ते में है। यही नहीं स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहर के सभी सड़कों पर कंटेनर रखा जाना था, लेकिन सब कुछ कागज पर ही चल रहा है। नगर के तमसा नदी के तीन घाटों के सुंदरीकरण कार्य कराए जाने का कार्य फाइलों में बंद है।
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अधर में लटका पड़ा है तालाब बेस्ड थीम पार्क
मऊ। नगर के वार्ड नौ निजामुद्दीनपुरा में अमृत योजना के तहत तालाब बेस्ड थीम पार्क का कार्य 2018 मे शुरू किया गया था। 50 लाख रुपये की लागत से यह कार्य ऐसे तो 12 माह में पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन पहली किस्त के रूप में मिले 10 लाख रुपये की राशि खत्म होने के बाद यह कार्ययोजना अधर में लटक गया।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि नगर में जो भी प्रोजेक्ट अधूरा पड़ा है। उसे जल्द ही पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में सभी जानकारी एकत्र की जा रही है। प्राथमिकता के तैयार पर खाका तैयार कर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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