जिला पंचायत की बैठक बुधवार को जिला पंचायत भवन के सभागार में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता जिला पंचायतअध्यक्ष उर्मिला जायसवाल ने किया। इस दौरान नए सत्र के लिए 36 करोड़ 56 लाख 767 का बजट पेश किया। इसके साथ ही वर्तमान वित्तीय वर्ष के बजट की समीक्षा की गई।
बैठक में जिलास्तरीय अधिकारियों संख्या कम होने पर सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त किया। साथ ही सर्वसम्मति से अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगें जाने की मांग किया।
इस दौरान जिला विकास अधिकारी से ने सदन के प्रस्ताव पर अमल करने का आश्वासन दिया। बैठक में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना को सर्वसम्मति से पास किया गया।
जिला पंचायत का पुनरीक्षित बजट वित्तीयवर्ष2018-19 का आय पक्ष का 50 करोड़ 24 लाख 86 हजार 48 रुपया तथा व्ययपक्ष 49 करोड़ 66 लाख 61 हजार 781 रुपया रहा।
जबकि वित्तीय वर्ष 2019-20का आय पक्ष 36 करोड़ 56 लाख 767 तथा व्यय पक्ष 35 करोड़ 23 लाख 98 हजारका सदन द्वारा सर्वसम्मति से पास किया गया। सदन द्वारा जिला पंचायत कीवित्तीय वर्ष 2018-19 की संपत्ति एवं विभव कर की सूची एवं शासन के आदेश के क्रम में जिला पंचायत के विभिन्न प्रकार के अद्योगों से लाइसेन्स फीस दरों में एकरूपता लाए जाने संबंधी उपविधि तथा अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना को सर्वसम्मति से पास किया गया।अंत में जिला पंचायत कीवित्तीय वर्ष-2019-20 के राज्य वित्त आयोग की कार्ययोजना को सर्व सम्मतिसे अनुमोदित किया गया।
बैठक में जिला पंचायत सदस्य नीलम यादव, मीना यादव, संजय यादव, अंशा यादव, सुभाष चंद्र यदुवंशी के साथ ही सांसद, विधायक, एमएलसी के प्रतिनिधिगण तथा जिला विकास अधिकारी, परियोजनानिदेशक, अपर मुख्य अधिकारी, अभियंता जिला पंचायत सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।