मऊ। नगर के ढेकुलियाघाट स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) का हास्पिटल तीन कक्ष में संचालित हो रहा है। यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। यहां दवाओं का अकाल है। एक चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है। अस्पताल में नियुक्त डॉक्टर के अवकाश पर चले जाने की स्थिति में फार्मासिस्ट के भरोसे अस्पताल का संचालन होता है। अस्पताल आने वाले मरीजों को प्रदूषित पानी का सेवन करना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी आला अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम से जिले मेें 5300 कर्मचारी ईएसआईसी में पंजीकृत हैं। ईएसआईसी मेें बीमित व्यक्ति तथा उसके आश्रितों के इलाज के लिए नगर के ढेकुलियाघाट स्थित एक मंदिर में तीन छोटे से कमरे में संचालित हो रहा है। यहां बिजली, पेयजल सहित बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। बरसात के मौसम में तो हल्की बरसात होने पर गैलरी में जलजमाव हो जाता है। इससे मरीजों तथा कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। चिकित्सक तथा कर्मचारी भी दहशत में जी रहे हैं।
अस्पताल में दो चिकित्सकों का पद सृजित है। एक चिकित्सक का पद लंबे समय से रिक्त चल रहा है। चिकित्सक के अवकाश पर चले जाने की स्थिति में अस्पताल फार्मासिस्ट के भरोसे संचालित होता है। श्रमिकों की मानें तो हाड़कपाऊं ठंड शुरू हो गई है। सांस तथा हृदय रोगियों की मरीजों की परेशानी बढ़ने लगी है। लेकिन यहां अस्थमा इन्हेलर सहित अन्य दवाओं का अभाव है।मरीजों की शिकायत के बाद भी मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
ईएसआईसी अस्पताल के सीएमओ डॉ. नसीर अहमद ने बताया कि हास्पिटल भवन के लिए टेंडर निकाला गया है। प्रक्रिया पूरी होते ही मानक के अनुरुप दूसरे भवन में स्थानांतरित हो जाएगा। दवा की आपूर्ति होने लगी है। शीघ्र ही समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।