मऊ। जिले के परिषदीय स्कूलों में उपलब्ध स्मार्ट टीवी, प्रोजेक्टर का डाटा भी यू-डायस ( यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इनफार्मेशन सिस्टम फार एजुकेशन) पर भरा जाएगा। साथ ही यदि एक स्कूल परिसर में एक से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्र हैं तो उनका कोड भी अंकित करना होगा।
जिले में 2584 स्कूल हैं। जिले के सरकारी तथा निजी स्कूलों में यू डायस प्रपत्र भरने की प्रक्रिया चल रही है। जिले के काफी संख्या में ऐसे परिषदीय विद्यालय हैं जहां प्रोजेक्टर, स्मार्ट टीवी व्यक्तिगत प्रयास से लगाए गए हैं। पहले यू डायस प्रपत्र में अंकित नहीं किया जाता था। लेकिन नई व्यवस्था के तहत यू डायस प्रपत्र में भरा जाएगा। चाहे वह किसी भी साधन से स्कूल में लगाया गया हो। इसे अंकित न करने पर परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआइ) रैंकिंग में प्रदेश को अंक नहीं मिलते। इसको देखते हुए शासन स्तर से यू-डायस में विवरण भरने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों की मानें तो यदि यू-डायस के अंतर्गत डाटा कैप्चर फार्मेट में भरे गए आंकड़े व ब्योरा सही नहीं मिलते हैं तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक, प्रबंधक, शिक्षक संकुल तथा खंड शिक्षाधिकारी उत्तरदायी होंगे। मान्यता प्राप्त विद्यालय, मदरसा, सीबीएसई व आइसीएसई से मान्यता प्राप्त विद्यालय अपना ब्योरा आनलाइन नहीं कराता है तो उनके विरुद्ध मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी। बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में उपलब्ध स्मार्ट टीवी, प्रोजेक्टर का डाटा भी यू-डायस पर भरा जाएगा। यदि डाटा कैप्चर फार्मेट में भरे गए आंकड़े व ब्योरा सही नहीं मिलते हैं तो प्रधानाध्यापक, प्रबंधक और बीईओ जिम्मेदार होंगे।