मऊ। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के गृह जिले में बिजली निगम की कार्यप्रणाली का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बकायेदारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान शनिवार को नगर के औद्योगिक क्षेत्र ताजोपुर स्थित एक प्लास्टिक फर्म की बिजली आपूर्ति काट दी गई, जबकि बिल जमा करने की अंतिम तिथि में अभी करीब एक सप्ताह का समय बाकी था। आपूर्ति कटने से फर्म का काम प्रभावित हुआ तो अधिकारियों से शिकायत की गई। इसके बाद आनन-फानन में कनेक्शन जोड़ दिया गया। बिजली निगम ने गलती स्वीकार करते हुए संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
ताजोपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक प्लास्टिक फर्म के मैनेजर पंकज कुमार ने बताया कि उन्हें बिजली का बिल दो दिन पहले ही प्राप्त हुआ था। बिल पर भुगतान की अंतिम तिथि छह सितंबर अंकित थी। उनका आरोप है कि शनिवार को बिजली निगम के कर्मचारी फर्म पर पहुंचे और बकाया बिल का हवाला देते हुए बिजली कनेक्शन काटने की बात कही।
पंकज कुमार के अनुसार, कर्मचारियों को बताया गया कि बिल जमा करने की अंतिम तिथि अभी बाकी है और उससे पहले ही भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बावजूद कर्मचारी कनेक्शन काटने पर अड़े रहे। बिजली आपूर्ति बाधित होने से काम ठप होने लगा तो फर्म प्रबंधन ने तत्काल कर्मचारियों को भेजकर बिजली बिल जमा कराया।
फर्म प्रबंधन का आरोप है कि करीब पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से प्लास्टिक दाना तैयार करने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। मशीनों के बंद रहने के कारण हजारों रुपये का कच्चा माल खराब होने की स्थिति में पहुंच गया। वहीं, बड़ी संख्या में श्रमिक भी काम ठप होने के कारण खाली बैठे रहे। इससे फर्म को आर्थिक नुकसान की आशंका जताई गई।
अधीक्षण अभियंता मागेंद्र कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। संबंधित कर्मचारी की लापरवाही के चलते यह स्थिति बनी। मामले में अधिशासी अभियंता की ओर से संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।