मऊ। कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में खुले में स्थापित ट्रांसफार्मर दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं। विद्युत विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों की लापरवाही से आए दिन हादसे होते हैं। सुरक्षा जाली नहीं लगाई जा सकी है। प्रति वर्ष विद्युत आपूर्ति सुधार के नाम पर लाखों रुपया पानी की तरह बहाने के बाद भी व्यवस्थाएं बेपटरी हैं। प्रमुख मार्गों में चबूतरा पर रखे विद्युत ट्रांसफार्मर खतरे की घंटी बजा रहे हैं। सब कुछ जानकर आला अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
नगर पंचायत कोपागंज भातकोल पुराघाट मार्ग पर जुममनपुरा के पास, नगर पंचायत कार्यालय, वाजिदपुरा, हक़ीमपुरा, फत्तनपुरा अमन रोड, ओड़ियाना काछी कला मार्ग आदि जगहों पर कई विद्युत ट्रांसफार्मर कम ऊंचाई पर रखे हुए हैं। जबकि नगर पंचायत कार्यालय में जमीन पर रखा विद्युत ट्रांसफार्मर इलाके को बिजली आपूर्ति के साथ जोखिम बांट रहा है। मुहल्लों में जमीन तथा कम ऊंचाई पर बने चबूतरों रखे विद्युत ट्रांसफार्मर सड़क से गुजरने वाले लोगों के लिए मुसीबत बने हैं। कई जगह सड़क से सटाकर ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। जिनसे दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है। बरसात के मौसम में हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। इतना ही नहीं लोग सारा दिन सड़क किनारे रखे इन ट्रांसफार्मरों के आसपास लटकते खुले तारों के बीच से निकलने को मजबूर हैं। सड़क के बराबर ट्रांसफार्मर रखा होने से उधर से निकलने में राहगीरों को जोखिम उठाना पड़ता है।
इस संबंध मेें सरफराज, नजीर, मुश्ताक, रमेश, मकबूल का कहना था कम ऊंचाई पर रखे विद्युत ट्रांसफार्मर से खुली केबिल इधर-उधर बिखरी पड़ी हुई हैं। इन ट्रांसफार्मरों के आसपास न जाली है और न ही टीपीओ स्विच लगी है। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने कभी खुले में रखे इन ट्रांसफार्मरों की सुधि नहीं ली। विभागीय हीलाहवाली से उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है।