आजमगढ़। जिला अस्पताल में संदिग्ध कोविड मरीज (श्वांस रोगी) भर्ती किए जा रहे। यहां भी फेफड़ों के संक्रमण के शिकार मरीज पहुंच रहे हैं जबकि ऑक्सीजन व बेड की किल्लत बनी हुई है। इमरजेंसी के बाहर बेड व ऑक्सीजन के आभाव में मरीज गिर कर बेहोश तक हो जा रहे है।
कोरोना संक्रमण से सारी व्यवस्था को बदहाल कर दिया है। कोरोना के डर से जहां जिला अस्पताल की ओपीडी बंद कर दी गई। इमरजेंसी में मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। मुख्य रुप से सांस के रोगियों को जिला अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। ऑक्सीजन व बेड की किल्लत यहां बनी हुई है। लगातार आक्सीजन के आभाव में मौत भी हो रही है। एसआईसी ने स्वयं इस बात को स्वीकार किया है कि अस्पताल पर प्रतिदिन 10 से 12 मौत हो रही है। इसके बाद भी यहां व्याप्त दुर्व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने की कवायद नहीं की जा रही है। शनिवार को तो अस्पताल परिसर में काफी गहमा-गहमी रही। भर्ती मरीजों के तीमारदार मरीजों को आक्सीजन उपलब्ध कराने को लेकर परेशान नजर आए। तो वहीं परिसर का मुआयना करने पर जगह-जगह आवार कुत्तो का बसेरा देखने को मिला। अस्पताल की गैलरियों के अलावा वार्डो तक में कुत्ते बैठे आराम फरमाते नजर आए। वहीं अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर बेड व आक्सीजन के इंतजार में मरीज गिर कर बेहोश तक हो जा रहे है।