जिला अस्पताल में लू से पीड़ित मरीजों के लिए इमरजेंसी वार्ड में दस बेड के बने लू वार्ड में एक माह से अधिक समय एक भी मरीज भर्ती नहीं किया गया है। जबकि एक मई से 31 मई तक इमरजेंसी में 1264 मरीज अपना इलाज कराने पहुंचे, इसमें 500 के करीब डायरिया, उल्टी, दस्त, बुखार के मरीज थे।
अस्पताल प्रबंधनक का दावा है कि बढ़ते तापमान के चलते अभी लू लगने के ऐसे मरीज नही पहुंचे जिनको वार्ड में भर्ती रखकर इलाज किया जाए। दूसरी तरफ इसी अस्पताल के दूसरे वार्ड में बढ़ते तापमान के चलते डायरिया, उल्टी, दस्त के मरीजों को लगातार भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। नौतपा में जिले में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पहुंचने के बाद बुखार के साथ डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। लेकिन जिला अस्पताल प्रबंधन इन मरीजों को सामान्य मरीजों की श्रेणी में शामिल कर रहा है।
यह तर्क अस्पताल प्रबंधन का है, दरअसल टीम ने जब सीएमएस डॉ. धनज्जय सिंह ने बीते एक माह से लू वार्ड बंद होने की बात कही तो उन्होंने वार्ड में कोई मरीज न होने के चलते इसका दुरुप्रयोग रोकने के लिए इसे बंद करने की बात कही।
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी 900 से ज्यादा रही, इसमें 200 मरीज बुखार, दस्त, डायरिया जैसे बीमारी को लेकर इलाज कराने पहुंचे थे।इतना ही नहीं जिस जगह लू वार्ड बना है उसकी जगह अन्य कई वार्ड बने हैं।
इसमें बीते एक माह यानी 1 मई से 31 मई तक 1264 मरीज अपना इलाज कराने पहुंचे थे, इसमें 144 सड़क हादसे तो 200 के करीब गैस, घबराहट, सीने में दर्द, ब्लड प्रेशर सहित अन्य बीमारियों के मरीज थे। जबकि 400 ऐसे मरीज जो कि डायरिया, दस्त, उल्टी, बुखार जैसी बीमारी से ग्रसित थे।
वहीं बीते 25 मई से बुधवार की दोपहर एक बजे तक बात करें 397 मरीज इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंचे थे, इसमें 63 सड़क हादसे के थे, जबकि इस दौरान 16 डायरिया के मरीजों का उपचार किया गया था। सीएमएस धन्नजय कुमार ने बताया कि मरीजों के पहुंचने पर जांच कर संबंधित वार्ड में भर्ती किया जाता है।