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Mau News: सांस्कृतिक मंच की जमीन पर सब्जी मंडी बनाने की मांग

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तहसील क्षेत्र के कटघरा शंकर की सब्जी मंडी बदहाल है। लाखों रुपये मंडी समिति द्वारा वसूले जाने के बाद भी न तो पेयजल की व्यवस्था है और न ही व्यापारियों की सुविधा के लिए कोई कदम उठाया गया है।
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स्थानीय व्यापारियों ने बगल में स्थित निष्प्रयोज्य पड़े सांस्कृतिक मंच की जमीन पर मंडी बनाने की मांग की है। मधुबन से तीन किलोमीटर दूर मधुबन बेल्थरा रोड मार्ग पर कटघराशंकर तिराहे पर दो दशक से सब्जी मंडी लगती है।
क्षेत्र के गोंठाबारी, हसनपुर, नेमडांड़, उंदुरा, बहरामपुर, पलिया, अहिरौली, ककराडीह, नरायनपुर सहित सैकड़ों ऐसे गांव हैं। जहां बड़े पैमाने पर गोभी, पालक, मिर्चा, टमाटर,बोड़ो, सूरन, तरोई, नेनुआ करेली, लौकी, काशीफल, मूली आदि का अच्छा उत्पादन होता है।
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किसान इन्हें लेकर इस मंडी में आते हैं, मंडी में घोसी, दोहरीघाट, बेल्थरा, इंदारा, मझवारा आदि के सब्जी विक्रेता आकर खरीदारी करके अपने कस्बों, चट्टी चौराहों आदि पर बेचकर रोजी रोटी चलाते हैं।
आलू, प्याज, अदरक, टमाटर, नींबू, फूलगोभी आदि सब्जियां बाहर से भी आती हैं। जिससे मंडी समिति को लाखों रुपये का राजस्व मिलता है।बावजूद मंडी के लिए जगह न होने से यहां सैकड़ों किसान अपनी सब्जियां सड़क के किनारे ही लगाते हैं।
जिससे सड़क और संकरी हो जाती है और एक दो वाहन के गुजरने, कुछ वाहन मालिकों द्वारा सड़क पर ही अपनी गाड़ी पर सब्जी लादने तथा सवारी गाड़ियों के आवागमन से ही सड़क पर घंटों जाम लग जाता है। गुमटियां भी परेशानी की सबब बनती हैं।

सब्जी उत्पादकों की संख्या बढ़ी पर जगह नहीं मिली

मंडी में सब्जियां लेकर आने वाले किसानों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती रहने से कटघराशंकर में सब्जी मंडी की जगह छोटी पड़ने से भी जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे निजात पाने के लिए मुन्ना मल्ल, इश्तेयाक, गंगा,बल्लू मल्ल, विनोद गुप्ता, रजनीकांत मौर्या आदि व्यापारियों ने कटघराशंकर में ही महज 100 मीटर की दूरी पर दो एकड़ से अधिक में स्थित खाली पड़े सांस्कृतिक मंच की जमीन को मंडी समिति के नाम करके वहीं सब्जी मंडी और फल संरक्षण शीत गृह बनाने की मांग की है।
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मामला संज्ञान में नहीं था, इसको लेकर अभी शिकायत भी कोई मेरे कार्यकाल में नहीं मिली है। इस संबंध में जानकारी लेकर इस समस्या का निराकरण किया जाएगा।
- राजेश अग्रवाल, एसडीएम
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