15 वर्षीय किशोरी को आरोपी 23 दिसंबर 2013 को शादी का झांसा देकर ले गए। आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट राजवीर सिंह ने शुक्रवार को सजा सुनाई।
विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट राजवीर सिंह ने किशोरी को शादी के लिए बहला फुसलाकर ले जाने तथा दुष्कर्म करने के मामले में नामजद सगे भाइयों को दोषी पाते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया।
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अभियोजन के अनुसार, 15 वर्षीय किशोरी को आरोपी 23 दिसंबर 2013 को शादी का झांसा देकर ले गए। आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मानिकपुर मलेरी गांव निवासी शरीख उर्फ रामसरीख और कुमार उर्फ राजकुमार के विरुद्ध आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने छह गवाह पेश किए। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी पाया।
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में 20 -20 वर्ष कठोर कारावास की सजा के साथ 25-25 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर उन्हें दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।