कोरोना मरीज मिलने के बाद पहुंची एंबुलेंस
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कोरोना संक्रमण काल में भी मऊ जिला अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही कम नहीं हो रही है। बुधवार को तबियत खराब होने पर आई 65 वर्षीय महिला जांच में संक्रमित मिली। चौंकाने वाली बात रही कि मरीज को तत्काल इलाज के लिए एल-2 अस्पताल भेजने के बजाए अस्पताल प्रबंधन जिम्मेदारी से बचता रहा।
दबाव पड़ने पर अधूरे एल-2 अस्पताल के लिए परदहां रेफर कर दिया। जहां से मरीज को वापस भेजा गया, बाद में जानकारी होने पर सीएमओ ने मरीज को एल-2 अस्पताल आजमगढ़ भिजवाया। इस बीच चार घंटे का समय निकल गया था। इस दौरान मरीज और उसके परिवार के लोग परेशान रहे।
रतनपुरा के पहसा गड़वा गांव निवासी 65 वर्षीय महिला जो अस्थमा की मरीज हैं। बुधवार को उनकी तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई। इस दौरान सीएचसी के डाक्टरों ने मरीज को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। यहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने पहले कोरोना जांच के लिए उसे कोविड-19 सेंटर भेजा। यहां करीब दो घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद महिला की जांच हुई।
जिसमें वो संक्रमित मिली। चौंकाने वाली बात है कि महिला की गंभीर स्थिति तथा संक्रमित होने पर उसको इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज आजमगढ़ भेजने के बजाए जिले के निर्माणाधीन एल-2 अस्पताल भेज दिया गया। वहां से मरीज को वापस भेज दिया गया। परिजन धर्मेंद्र और मिथिलेश मरीज को लेकर फिर जिला अस्पताल लाए।
इस दौरान मरीज की हालत और गंभीर होती गई। चार घंटे तक मरीज को लेक इधर उधर परेशान परिजनों ने थक हारकर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सतीशचंद्र सिंह को इसकी सूचना दी। जिस पर सीएमओ ने तत्काल मरीज को आजमगढ़ भिजवाया।
सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि मरीज के संक्रमित तथा गंभीर स्थिति की जानकारी मिलने पर उसे आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।