जिले की घोसी तहसील में मझवारा मोड़ पर किराए के भवन में संचालित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय का भवन तीन साल से बजट के अभाव में नहीं बन पाया है। भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटित होने और नामांतरण होने के बावजूद काम शुरू नहीं हो सका है।
चिकित्सालय में 25 शय्या की पूरी क्षमता का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। सीमित जगह के कारण वार्डों का संचालन ठीक से नहीं हो पाता। कई आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
उधर, किराए के छोटे भवन में महिला मरीजों को शौचालय जैसी सुविधाओं के लिए दिक्कतें होती हैं। जगह की कमी के कारण आपातकालीन मरीजों को भर्ती नहीं किया जा सकता। रात्रिकालीन सेवाएं भी संचालित नहीं हो पाती हैं।
ओमप्रकाश रंजन और सूर्यभान मौर्य ने कहा कि घोसी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज आयुर्वेदिक उपचार के लिए आते हैं। यदि चिकित्सालय का अपना भवन बन जाए तो मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
वहीं, इस बाबत प्रभारी चिकित्साधिकारी धर्मेंद्र कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि भूमि आवंटित हो चुकी है, लेकिन बजट नहीं मिला है। बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।