मऊ। घोसी में तैनात पुलिस उपाधीक्षक धनंजय मिश्र को राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। यह पुस्कार इन्हें एसटीएफ में बतौर निरीक्षक की तैनाती के दौरान महाराष्ट्र के कोल्हापुर में कुख्यात बदमाश फिरदौस को एनकाउंटर में मार गिराने में साहसिक दायित्व निर्वहन करने के लिए दिया जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि भाजपा के तत्कालीन विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में शामिल कुख्यात बदमाश फिरदौस को मुंबई के मलाड में एक माल में भीड़ में छह अप्रैल 2006 को इंस्पेक्टर धनंजय मिश्र और इनकी टीम ने देखा।
धनंजय मिश्र ने बड़ी बहादुरी और सूझबूझ का परिचय देेते हुए फिरदौस को पकड्ना चाहा। लेकिन उसेनपुलिस टीम पर हमला कर दिया। वहीं पर हुए एनकाउंटर में फिरदौस मारा गया। इसी बहादुरी और शौर्य भरे कार्य के लिए धनंजय मिश्र को राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार( गैलेंट्री एवार्ड)के लिए चयनित किया गया है। इनके अलावा बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक डा. अरविंद चतुर्वेदी , गृह विभाग में सचिव एसके भगत और पुलिस भर्ती बोर्ड के विजय भूषण को भी राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार के लिए चुना गया है।
धनंजय मिश्र को इस पुरस्कार के लिए चयनित होने पर डीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य , सीआरओ हंसराज ,एडीएम केहरी सिंह ,अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी , सीओ सिटी नरेश कुमार,सीओ मधुबन राजकुमार, सीओ मुहम्मदाबाद गोहना नंदलाल थानाध्यक्ष दोहरीघाट सच्चिदानंद यादव , एसओ कोपागंज अजय त्रिपाठी सिटीमजिस्ट्रेट जेएन सचान एसडीएम निरंकार सिंह आदि अफसरों ने बधाई दिया है।
सुभाष यादव