कलेक्ट्रेट में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक को संबोधित करते सांसद हरिनारायण राजभर।
- फोटो : mau
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सोमवार को सांसद हरिनारायण राजभर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। इस दौरान अस्पतालों के निर्माण में लापरवाही की शिकायत पर कार्रवाई करने के निर्देश दिया। पूर्ति निरीक्षक सदर के विरुद्ध अनियमितता की शिकायत मिलने पर कहा कि इनको निलंबित करने के लिए शासन को पत्र भेजा जाए। साथ ही सभी अधिकारियों को निष्पक्ष कार्य करने के लिए कहा।
सांसद ने कहा कि किसी प्रकार के भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अधिकारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अनुपस्थित एनएचआई के अधिकारी एवं उपनिरीक्षकों का स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया गया। बैठक में सीएचसी के निर्माण में अनियमितता मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के जेई के खिलाफ कार्रवाई करने और कार्यदायी संस्था के विरूद्घ भी जिम्मेदारी तय करने का आदेश दिया। राशन आपूर्ति विभाग में प्राप्त शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए आपूर्ति निरीक्षक सदर को निलंबित करने के लिए शासन को पत्र लिखने का आदेश सांसद ने दिया। गांवों में मनरेगा द्वारा कराए गए कार्यों का स्थलीय जांच कराने का आदेश दिया। एपीओ की शिकायत मिलने पर उनकी सेवा समाप्त की जाए।
विद्युतीकरण कार्य में अनियमितता की जांच करके संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिया। गांव में तैनात सफाईकर्मियों द्वारा सफाई न किए जाने पर सांसद ने अफसोस जताया। सांसद ने कहा कि बिना बीडीओ के अनुमोदन के सफाईकर्मियों को वेतन न दिया जाए। जांच में सफाई कार्य गड़बड़ मिलने पर अनुमोदन करने वाले बीडीओ के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए। बैठक में सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु, सीडीओ आशुतोष कुमार द्विवेदी, अजय सिंह प्रतिनिधि विधायक मोख्तार अंसारी, उदय सिंह चौरसिया, प्रतिनिधि एमएलसी यशवंत सिंह, डीडीओ विजय शंकर राय, डीसी मनरेगा टीबी सिंह, जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार आदि मौजूद रहे।