मऊ। बेसिक शिक्षा विभाग से संबद्ध अंग्रेजी माध्यम से संचालित परिषदीय विद्यालयों की छवि बदलती नजर आ रही है। इनमें तैनात शिक्षक बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे रहे हैं। जिनके अब बेहतर परिणाम सामने आने लगे हैं। कई विद्यालयों में निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों ने भी दाखिला लिया है। जिले में अंग्रेजी माध्यम से 168 परिषदीय विद्यालय हैं। परिषदीय विद्यालयों को निजी विद्यालयों के समकक्ष खड़ा करने तहत शासन की तरफ से अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय स्कूलों को खोला गया।
वर्ष 2020 में कोरोना का संक्रमण फैला जिसके कारण स्कूल बंद कर दिए गए थे, लेकिन स्कूल खुलने पर अभिभावकों ने अपने बच्चों का दाखिला कराया। आसपास के गांवों से बच्चे आटो और वाहनों के माध्यम से पढ़ने स्कूल आते हैं। कोरोना काल में इस वर्ष एकाएक बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई। इसके पीछे विद्यालयों में तैनात शिक्षक कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इसके चलते कई अभिभावकों ने जिले के निजी स्कूलों से बच्चों के नाम कटवाकर अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन कराया है। कई विद्यालय कान्वेंट विद्यालयों को टक्कर दे रहे हैं। अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों के नामांकन पर नजर डाला जाए तो अंग्रेजी मीडियम जूनियर हाईस्कूल मधुबन में नामांकन 300 पहुंच गया है। जबकि पिछले वर्ष 224 नामांकन रहा।
प्रधानाध्यापक अनवारुल हक ने बताया कि शिक्षकों के गुणवत्तापरक शिक्षा देनेके चलते बच्चों का नामांकन बढ़ा है।इसी क्रम में इंगलिस मीडियम कंपोजिट स्कूल गंगऊपुर मेें नामांकन में 460 पहुंच गई है। जबकि गत वर्ष 386 रही। अंग्रेजी मीडियम प्राथमिक विद्यालय गांगेवीर में नामांकन 552 पहुंच गया है। जबकि गत वर्ष 472 रही। यही स्थिति अन्य विद्यालयों की रही।
इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार सिंह का कहना है कि जिले के समस्त अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का नामांकन बढ़ा है। शिक्षकों के कड़ी मेहनत के चलते परिणाम बेहतर मिल रहे हैं।