मऊ। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान इमिलिया में तैनात रहे तत्कालीन सेवानिवृत्त प्रधान सहायक द्वारा पीएफ में गोलमाल करने का मामला प्रकाश मेें आया है। डायट प्राचार्य ने पीएफ से गोलमाल करने वाले संस्थान से सेवानिवृत्त प्रधान सहायक के विरुद्ध सरायलखंसी थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध पांच धाराओं में मामला दर्ज किया हैं।
सेवानिवृत्त प्रधान सहायक भरत प्रसाद पर यह आरोप लगाया कि सितंबर 2015 में कार्यभार ग्रहण करने के बाद अपना जीपीएफ पासबुक कार्यालय के अभिलेखों में दर्ज नहीं कराया। पूर्व में लिए गए ऋणों को जानबूझकर विभाग से छिपाकर अपने जीपीएफ में स्वयं के हस्तलिपि में गलत प्रविष्टियां अंकित करते हुए आहरण करते रहे और तत्कालीन लेखालिपिक की मिलीभगत से अपने अग्रिमों को छिपाते हुए गलत प्रविष्टियों को दर्शाकर वर्ष 2015-16 में 95 हजार रुपये की जगह सात लाख 95 हजार रूपया का ऋण अपने बैंक खाते में स्थानांतरण करा लिया। जांच में विभागीय अधिकारियों को प्राप्त ट्रेजरी फ्री कैंसिलेशन की छाया प्रति जीपीएफ रजिस्टर की छाया प्रति में भरत प्रसाद द्वारा जानबूझकर अपने जीपीएफ पासबुक में दी गई सूचना में मात्र 95 हजार रुपये का अस्थाई ऋण लेने की जानकारी दी गई। अपनी सुरक्षित पासबुक की छाया प्रति दी गई संलग्नक पत्र एवं पासबुक की छायाप्रति उपरोक्त साक्ष्यों के आधार पर धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया। निदेशक बेसिक शिक्षा उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देश पर प्राचार्य तथा उप शिक्षा निदेशक डायट की ओर से गोरखपुर जिले के इस्माइलपुर मुहल्ला निवासी तथा सेवानिवृत्त प्रधान सहायक भरत प्रसाद के खिलाफ पदनाम से मुकदमा दर्ज कराया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दिया है।